Friday, July 2, 2010

मध्यप्रदेष विधानसभा उपाध्यक्ष हरवंष सिंह ने अपना पक्ष रखा





(पिंकी उपाध्याय)
श्री सिहं ने कहा कि समाचार पत्र और इलेक्ट्रानिक मिडिया मे मेरे और मेरे पु़त्र द्वारा जमीन खरीदी के मामले में उल्लेख करते हुए तरह तरह के समाचार प्रकाषित हो रहे है इस संबंध में न्यायालय मेें प्रस्तुत अभिलेखों की प्रमाणित प्रतिलिपियों के आधार पर यह जानकारी देना चाहता हॅॅॅॅू कि दिनांक 18/05/2010 को ग्राम आमानाला निवासी मोह.ष्षाह आत्मज इम्तियाज खान ने माननीय न्यायालय श्री ए.एस.सिसोदिया न्यायिक दण्डधिकारी प्रथम श्रेणी लखनादौन के समक्ष एक मिथ्या एवं आधारहीन परिवाद के नियाज अली तथा मेरे एंव मेरे पु़त्र रजनीष सिंह के विरूद्ध प्रस्तुत किया । परिवाद के आधार पर श्रीमान न्यायिक दण्डाधिकारी द्वारा अन्वेषण का आदेष पुलिस थाना धनौरा को दिया गया और रिपोर्ट प्रस्तुत करने हेतु 18/06/2010 की तिथि निर्धारित की गई चूॅकि माननीय न्यायिक दण्डाधिकारी के द्वारा अन्वेषण के लिये जो परिवाद भेजा गया था उसमें घटनास्थल घटना का समय एवं दिनांक इत्यादि का विवरण नही था कारण तथा जिस दस्तावेज के संबंध में धोखा देना कहा गया था वह संलग्न नहीं था इसलिए विषिष्टियॉ एकत्र करने के लिये पुलिस ने प्रारभिक जॉच की । पुलिस की प्रारंभिक जॉच एवं षिकायत कर्ता के कथनों में यह पाया कि मोह.ष्षाह और उनके भाई नियाज अली के साथ इस अपराध में कहीं कोई समावेष होना नहीं पाया गया तथा चौकी प्रभारी सुनवारा के द्वारा दिनांक18/06/2010 को न्यायालय के समक्ष प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। माननीय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी के द्वारा षिकायत कर्ता मोह. ष्षाह से ष्षपथ पर दिये गये न्यायालयीन कथनों में यह स्पष्ट रूप से कहा है कि उसके और अन्य सह खातेदारों के बीच जमीन का बंटवारा हो गया है और वह 5 एकड़ भूमि के अलग कब्जे में है उसने यह भी स्वीकार किया है कि उसने न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद में किसी इकरारनामें का जिक्र नहीं किया है अपने बयान में उसने यह स्पष्ट किया है कि उसका विवाद उसके भाई नियाज अली से है न कि मुझसे या मेरे पुत्र रजनीष सिंह से है षिकायत कर्ता मोह.ष्षाह के अनुसार उसका वाद-विवाद एवं लड़ाई झगड़ा व मारपीट उसके भाई नियाज अली के साथ हुआ था जिसकी रिपोर्ट मोह.ष्षाह द्वारा पुलिस चौकी सुनवारा में दर्ज की गई । मोह.ष्षाह ने अपने न्यायालयीन कथनों में यह भी स्पष्ट किया है कि मुझसे व मेरे पुत्र रजनीष सिंह से कभी भी उसकी कोई व्यक्तिगत बातचीत नही हुई और न कभी भी मैने और मेरे पुत्र ने अपने न्यायालयीन कथनों में यह भी स्पष्ट किया है कि मुझसे व मेरे पुत्र रजनीष सिंह ने उसे कभी भी कोई धमकी दी है उसने यह भी स्वीकार किया है कि उसने मेरे और मेरे पुत्र के विरूद्ध कभी कोई पुलिस रिपोर्ट नही की है । मोह. ष्षाह के बयान के अनुसार मैने और मेरे पुत्र रजनीष सिंह ने मोह. ष्षाह को छोड़ उसके अन्य यह खातेदारों से न तो कोई इकरारनामा लिखाया है और न ही कोई भूमि का विक्रय पत्र लिखवाया है । मोह. ष्षाह से न्यायालय द्वारा बहुत लंबी पूछताछ कर उसके बयान लेखद्ध किये गये इस लंबी पूछताछ के दौरान मोह. ष्षाह ने मेरे पुत्र के विरूद्ध कोई भी आरोप नहीं लगाये है यहॉ तक कि वह यह भी कहता है कि उसकी मुझसे या मेरे पुत्र से कोई व्यक्तिगत मुलाकात भी नहीं हुई है । परिवाद के तथ्यों के संबंध में भी मोह ष्षाह को जानकारी नहीं है ।
षिकायतकर्ता मोह. ष्षाह के न्यायालय में दिये गये कथनों से स्पष्ट है कि हमारे द्वारा कोई विक्रय पत्र इकरारनामा या कोई भी रसीद नहीं लिखाई गई है और न ही हमने कोई सौंदा किया है जब कोई रजिस्ट्री इकरारनामा या रसीद ही अस्तित्व में नही है तो धोखा देने का कोई प्रष्न ही उत्पन्न नहीं होता है और यदि जन सामान्य के पास ऐसा कोई दस्तावेज या कोई मौखिक साक्ष्य उपलब्ध हो तो वह उसे प्रकट कर सकता है । षिकायतकर्ता मोह. ष्षाह ने स्पष्ट रूप से अपने कथन में यह स्वीकार किया है कि उसकी मुझसे या मेरे पुत्र रजनीष से कोई मुलाकात नहीं हुई है । जब षिकायतकर्ता की हम लोगों से कोई मुलाकात ही नहीं है तो हमारे द्वारा उसे धमकी देने गाली देने या अन्य किसी भी प्रकार की धौंस देने का प्रष्न ही उत्पन्न नहीं होता है ।
पूर्व में पुलिस द्वारा की गई विवेचना और मोह. ष्षाह के न्यायालयीन कथनों से स्पष्ट है कि मेरे विरूद्ध विपक्ष द्वारा साजिष की गई है और मेरे विरूद्ध राजनैतिक रूप से क्षति पहॅूचाने के उद्देष्य से मिथ्या कानूनी कार्यवाही कराई गई है । मैंने और मेरे पुत्र ने मोह. ष्षाह को ने तो कोई धोखा दिया है और न ही उनको कभी डराया धमकाया गया है जो जमीन की खरीदी बिक्री बताई जा रही है उससे भी मेरा और मेरे परिवार का कोई लेना-देना है उक्त परिवाद के तथ्य मिथ्या व झूठे हैं मेरे और मेरे पुत्र के विरूद्ध विरोधियों द्वारा तोड़-मरोड़कर मिथ्या तथ्य आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का हमेषा की तरह किया गया कुत्सित प्रयास है जिससे कि मेरी राजनैतिक एवं सामाजिक छबि धुमिल की जा सके ।
पुलिस ने न्यायालय के द्वारा दिये गये आदेष दिनांक 18/05/2010 के परिपालन में प्रारंभिक जॉच की और इस जॉच में पुलिस ने यह पाया कि मेरे और मेरे पुत्र रजनीष के विरूद्ध कोई अपराध नहीं बनता है तथा नियाज अली के विरूद्ध प्रथम दृष्टया अपराध पाये जाने पर पुलिस ने नियाज अली के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया तथा न्यायालय में दिनांक18/06/2010 को अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया इस प्रतिवेदन के अवलोकन के उपंरात माननीय न्यायालय द्वारा षिकायतकर्ता मोह.षाह को सुना गया और उसके कथन लेखबद्ध किये गये इस प्रक्रम में माननीय न्यायालय ने यह पाया कि अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय के आदेषानुसार नहीं है इसलिए उन्होंने मोह. षाह निरस्त कर पुलिस थाना धनौरा को सभा आरोपियों मेंविरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर अन्वेषण अपरांत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के आदेष दिये गये तक मुझे समाचार पत्रों से ज्ञात हुआ कि पुलिस ने न्यायालयीन आदेष के परिपालन में मेरे और मेरे पुत्र के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है । विदित हो कि परिवाद प्रकरणों में कोई जॉच नही की जाती है बल्कि अपराध पंजीबद्ध होनें के बाद पुलिस द्वारा विवेचना की जाती है और पुलिस थाना धनौरा ने इस न्यायालयीन आदेष के परिपालन में ही अपराध पंजीबद्ध कर अन्वेषषण प्रारंभ किया गया है अन्वेषण में जो भी तथ्य आवेंगे उनके अनुसार पुलिस को न्यायालय में आरोप पत्र खारिजी अथवा खात्मा प्रस्तुत करना होगा । मेरे और मेरे पुत्र के विरूद्ध जो तथ्य अभी तक आये हैं उनसे स्पष्ट है कि हम लोग पूर्णतः निर्दोष है
उक्त मामला अभी न्यायालयीन प्रक्रिया में है और मुझे सम्माननीय न्यायालय और न्यायालयीन प्रक्रिया पर पूर्णरूपेण विष्वास है । भविष्य में माननीय न्यायालय और आम जनता के समक्ष इस प्रकरण से संबंधित सच्चाई स्पष्ट भी हो जाएगी अभी तक जो तथ्य माननीय न्यायालय और पुलिस के सामने आये हैं उन्हें प्रकट करना मेरी जवाबदारी है इसलिए मैं यह सच्चाई आपके सामने रख रहा हॅू


परिवादी मोह.षाह के न्यायालयीन कथन और पुलिस प्रतिवेदन
1.मेरी जमीन कुंआ खेड़ा ग्राम में है उक्त जमीन सभी हमारे द्वारा क्रय नहीं की गई; उक्त जमीन में से आधी जमीन लगभग ग्राम के पटेल द्वारा खैरात में दी गई थी और आधी जमीन हमारे द्वारा खरीदी गई थी । उक्त जमीन मात्र मेरे नाम पर राजस्व प्रपत्रों में नाम पर दर्ज नहीं थी । उक्त जमीन राजस्व प्रपत्र में मेरे अलावा मेरी तीन बुआ और चार बहनों और चार भाईयों के नाम पर दर्ज थी । इसके अलावा दो तीन अन्य व्यक्तियों के नाम थे जिनका नाम मेरे अन्य सह खातेदारों द्वारा कटा दिया गया ।
2. उक्त सभी जमीनों का बंटवारा खातेदारों के मद आपस में मौलिख हो गया था किन्तु हमारे द्वारा कभी भी उक्त जमीनों का बंटवारा अनुसार अलग-अलग बही बनाये जाने के लिये कोई कार्यवाही नहीं की गई । मै जिस हिस्से पर खेती करता था उसके संबंध में मेरे द्वारा कभी भी किसी राजस्व अधिकारी से सीमांकन नही कराया गया मेरे हिस्से की जमीन चारो दिषाओं से मेढ़ से बंद है । उक्त सम्पूर्ण जमीन लगभग रकबे पर मेरा कब्जा है । मैनें न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद पत्र में किसी इकरार नामा के संबंध में कोई जिक्र नहीं किया है । मैं इकरार नामे का मतलब नहीं जानता है । ऐसा नहीं है कि अभियुक्तगण ने इकरारनामा बनाकर भूमि विक्रय की है मैंने कोई इकरारनामा ।

Tuesday, June 29, 2010

बिना देखे, बिना तौले, बिना पंचनामा बनाये किया पाँच गुना चालान







मंडी निरीक्षक तरूण पटले की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में

सिवनी-:विगत दिवस सुबह ८ बजे बरघाट रोड बायपास के मंडी टोल नाके पर मुखबिर सूचना के आधार पर ट्रक क्रमांक सीजी ०४ जी १३५२ को शिकायतकर्ता श्री काबेज खान की उपस्थिति में रोका गया इस ट्रक में महुऐं की बोरियां लदी हुई थी एवं ड्रायवर कंडेक्टर के पास माल का बिल, मंडी की रसीद, सेल टैक्स की रसीद या माल के वजन से संबंधित कोई कागजात नहीं थे जिन मंडी के कर्मचारियों की उपस्थिति में ट्रक को रोका गया था उसमें से एक कर्मचारी संदीप गुप्ता ने जैसे ही ट्रक ड्रायवर और कंडेक्टर से बात की थोड़ी ही देर बाद वे ट्रक के पास से गुम हो गये संदीप गुप्ता से पूछने पर उन्होनें बताया कि जहां से माल लोड हुआ है वे उसके परिचित है और ड्रायवर कंडेक्टर नास्ता करने गये हैं किंतु ड्रायवर कंडेक्टर का नास्ता सुबह ८ बजे से सांय ५ बजे तक चला और जब उनसे लौटने पर पूछा गया कि वे कहां गये थे तो उन्होनें बताया कि गुप्ता जी ने कहा था कि जब तक ये लोग खड़े हैं ट्रक के पास मत आना। ट्रक श्याम ट्रेडर्स अमरवाड़ा से महुआ लोड कर संबलपुर (छत्तीसगढ़) के व्यापारी प्रकाश पारख (पारख किराना) के यहां अनलोड करने निकला था यह ट्रक उसी व्यापारी का था।
सांय ६.२० बजे एक इंडिका में अमरवाड़ा से दो व्यक्ति आये जिन्होनें स्वयं का परिचय महुआ व्यापारी के मित्र के रूप में दिया तथा अपना नाम नहीं बताया उन्होनें अपने साथ एक बिल लाया जो श्याम ट्रेडर्स के लेटर पैड पर था जिसमें फोन क्रमांक ०७१६१-२२२३१८, ९३२९४८२०१८ पता श्री राम मंदिर रोड अमरवाड़ा छिंदवाड़ा एवं माल के विवरण में महुआ ३८० नग ३०० जिसमें ३८० को काटकर बाद में ३०० लिखा गया था उसके नीचे वजन १८० क्विंटल 3 १००० सी फार्म कंडीशन पर लिखा गया था इस बिल में बिल क्रमांक काटकर सुधारकर ३१ लिखा गया था एवं ३८० नग काटकर नग ३०० लिखा गया था इस बिल के साथ ही कृषि उपज मंडी सिमरिया (जिला-सिवनी) द्वारा काटी गई रसीद जो बुक क्रमांक १९० दिनांक २७.०६.१० को काटी गई थी जिसमें मंडी अधिनियम की धारा १९ (६) के उल्लंघन में अधिनियम की धारा १९ (४) के अनुसार पाँच गुना रकम मंडी शुल्क जो ३६०० का पाँच गुना मंडी शुल्क १८ हजार एवं समझौता शुल्क ५ हजार कुल २३००० की रसीद थी जिसमें भुगतान करने वाले में श्याम के हस्ताक्षर थे ये वही हस्ताक्षर थे जो बिल में थे।
इस कार्यवाही पर क्षुब्ध होते हुये शिकायतकर्ता श्री काबेज खान द्वारा नाके पर उपस्थित मंडी सहायक उपनिरीक्षक प्रदीप जैन से कहा गया कि उन्हें इस ट्रक में गांजा परिवहन होने की सूचना प्राप्त हुई थी इसीलिये वे सामने से ट्रक का निरीक्षण एवं पंचनामा बनवाना चाहते थे इस ट्रक के रोके जाने की सूचना ना तो सेल टैक्स विभाग को दी गई ना ही ओवरलोड से संबंधित आरटीओ विभाग को दी गई और ना ही संबंधित थाना क्षेत्र में दी गई इससे यह सिद्ध होता हैं कि इस ट्रक के परिवहन में मंडी अधिकारियों की मिलीभगत हैं श्री प्रदीप जैन ने इसका जवाब देते हुये कहा कि उन्हें मंडी निरीक्षक तरूण पटले द्वारा आदेशित किया गया था कि आप बरघाट मंडी नाका जायें एवं उस ट्रक की निगरानी करे तथा वहां उपस्थित दो कर्मचारियों को रिलीफ करे इसीलिये वे १.३० बजे से ट्रक की निगरानी कर रहे थे उन्होनें इस बात को स्वीकार किया कि ना तो ट्रक में बोरो को गिना गया और ना ही पंचनामा कार्यवाही की गई हैं ना ही ट्रक का तौल किया गया हैं कि वजन कितना है और इसकी जानकारी पुलिस, आरटीओ, सेल टैक्स विभाग को नहीं दी गई हैं क्योंकि सुबह से ट्रक के त्रिपाल को खोला भी नहीं गया था श्री प्रदीप जैन ने शिकायतकर्ता को यह बताया कि उन्हें ट्रक रोकने एवं उसे मुक्त करने का आदेश उनके उच्चाधिकारी तरूण पटले द्वारा फोन पर दिया गया हैं एवं मंडी द्वारा इस रसीद कटने की पुष्टि की गई हैं घटना की सूचना शिकायतकर्ता द्वारा थाना लखनवाड़ा में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक श्री बेलवंशी को दी गई एवं जिला दंडाधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया किंतु उनसे फोन पर संपर्क नहीं हो पाया तब इसकी शिकायत आपने मंडी उपाध्यक्ष श्री अजय भारद्वाज से की तत्पश्चात शिकायतकर्ता ने मीडिया की शरण लेते हुये मंडी के अधिकारी कर्मचारियों की भ्रष्टाचारी गतिविधियों पर अंकुश लगाने की प्रशासन से मांग की हैं अब देखना यह है कि प्रशासन इस पर क्या कार्यवाही करता हैं

Friday, June 25, 2010

आदिवासी क्षेत्रों से कच्ची शराब बरामद



सिवनी-:दुनिया जहां २१वीं सदी के युग में प्रवेश कर गई है किंतु इस जिले में व्याप्त आदिवासी क्षेत्रों में अभी लोग वैसे ही जीवन यापन कर रहे है जैसे पुरातन में करते थे। इसका आशय इस बात से लगाया जा सकता है कि जिले के आदिवासी क्षेत्रों में आज भी कच्ची शराब बनाने का प्रचलन जारी है। बताते हैं कि कुरई आदिवासी क्षेत्र में पुलिस द्वारा एक गांव में दबिश देकर लगभग २०० लीटर कच्ची शराब का जखीरा बरामद किया और साथ ही इस मामले में ३ लोगों को आरोपी बनाया है। थाना कुरई में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक श्री पांडे से प्रदत्त जानकारी अनुसार कुरई थाना के पूर्व क्षेत्र में ७ किमी दूर स्थित ग्राम सांवरी बीट में मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई थी कि बोदानाला में कुछ लोगों द्वारा भारी मात्रा में शराब बनाई जा रही है उक्त सूचना पाकर एएसआई श्री पांडे सदलबल बोदानाल दोपहर लगभग ३ बजे पहुंचे और नाले के नीचे शराब बनाने के जखीरे को देखकर वह स्वयं चकित हो गये। उसके पश्चात श्री पांडे द्वारा इस जखीरे को आरोपियों सहित पकत्रडने के लिए व्यूह रचना तैयार की गई और योजनानुसार वहां दबिश दी गई। जिसमें पुलिस को लगभग ६ ब्लाडर कच्ची दारु से भरे, ३ गंजे एल्युमीनियम के, ३ बुल्ली सहित १८५ लीटर शराब जप्त हुई। पुलिस द्वारा इस कच्ची शराब के धंधे को संचालित करने वाले गिरोह रानू पिता प्यारेलाल मर्सकोले निवासी सांवरी बीट, भागचंद पिता रामलाल परते निवासी सांवरी बीट, महेश पिता फकीरा उईके को भी हिरासत में लेकर थाना कुरई लाई। जहां उनके विरुद्ध आबकारी अधिनियम के तहत ३४(२) का मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

सिवनी से मिलिंग के लिये गई धान चोरी





लापता धान अपने गंतव्य गोहद न जाकर कटनी में खाली हुई
(पिंकी उपाध्याय)


सिवनी-:धान के विषय में नियम यह है कि शासन द्वारा अधिकृत मिलर मिलिंग के लिये अपनी राईसमिल में धान ले जाता है और उस धान की मिलिंग कर उसे शासन के पास जमा करता हैं किंतु गोहद के राईस मिलर द्वारा शासन से प्राप्त धान को मिलिंग न कर उसे वैसे ही कटनी में बेच दिया गया अब प्रश्र यह उठता है कि जब गोहद के मिलर द्वारा मिलिंग के लिये प्राप्त धान को कटनी में बेच दिया गया हैं तो वह शासन को कौन सा चांवल जमा करेंगा तो उसका जवाब यह है कि उत्तरप्रदेश में उपलब्ध सस्ता चांवल वह शासन के वेयरहाऊस में जमा कर यह दर्शा देता हैं कि उसने संबंधित धान को मिलिंग कर शासन को वापस कर दिया हैं जो शासकीय नियमो की घोर अवमानना हैं।
प्राप्त शिकायतों के आधार पर बालाघाट एक्सप्रेस द्वारा इस मामले की तह में जाने के लिये तीन लोगों की टीम का गठन कर जिनमें राकेश उपाध्याय, आशीष (गोलू) सक्सेना, उबैद खान शामिल थे इस जाँच के तहत सर्वप्रथम सांई मंदिर के बाजू में स्थित वेयर हाऊस जो शासन के धान के भंडारण के लिये अधिकृत हैं से २२.०६.१० में शासकीय धान लेकर जाने वाले ट्रकों एवं उनके गेट पास का ब्यौरा लिया गया जिनमें गोहद राईसमिल में तीन ट्रक जा रहे थे जिनमें पंजीयन क्रं. एम.पी. २२ बी. ९९३१ में ३७० बोरी धान, एम.पी. २० जीए १९८५ में ३७० बोरी धान तथा एम.पी. २० एचबी ०२०८ में ४८० बोरी धान भरी गई थी जब यह माल भरा जा रहा था तो वाहन चालको से हुई वार्तालाप ने शक को यकीन में बदल दिया क्योंकि कागज कह रहे थे कि यह धान गोहद जाना हैं किंतु सभी वाहन चालको द्वारा यह बताया गया कि धान कटनी जा रही हैं उक्त आधार पर रात्रि ११ बजे ट्रको के निकलते ही उनका अनुसरण करना चालू कर दिया गया यह यात्रा बहुत लंबी थी जो सुबह ९ बजे कटनी में समाप्त हुई कटनी में माधव नगर में स्थित अनिल इंडस्ट्रीज में ट्रक क्रं. एम.पी. २२ बी ९९३१ अनलोड हुई ट्रक कं्र. एम.पी. २० जीए १९८५ कटनी के १० किलोमीटर दूर ही रूक गया था जिसके चालक से पूछने पर उसने यह बताया कि वह केवल यह माल सतना तक ले जा रहा हैं और गोहद उत्तरप्रदेश में हैं इसीलिये वहा से माल क्रासिंग कराकर दूसरे ट्रक से पहँुचाया जायेगा ना तो यह गोहद का रूट था और ना ही ऐसा कोई मामला था क्योंकि गोहद मध्यप्रदेश में ही स्थित हैं और उसका यह रूट हैं ही नहीं ट्रक क्रं. एम.पी. २० एचबी ०२०८ कटनी से आगे मैहर रोड पर स्थित राईसमिल में खाली होने चला गया था।
हमारी टीम द्वारा इस मामले की सूचना सिवनी जिला कलेक्टर महोदय श्री मनोहर दुबे को दी गई जिन्होनें इस संबंध में तत्काल भोपाल नागरिक आपूर्ति निगम के एमडी श्री गुप्ता जी को सूचना दी श्री गुप्ता द्वारा टीम से संपर्क करने पर उन्हें इस बारे में अवगत कराया गया किंतु जब तक कटनी नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी संबंधित स्थान पर पहँुचते ट्रक खाली होकर राईसमिल से निकल चुका था फिर भी बालाघाट एक्सप्रेस टीम द्वारा अपनी जान की परवाह न करते हुये उन ट्रको के वीडियो अपने कैमरे में कैद कर लिये गये एवं इसके बारे में श्री गुप्ता को अवगत कराया गया कलेक्टर महोदय से इस संबंध में बात करने पर उन्होनें कहा कि आप इसकी लिखित शिकायत दीजियें तत्काल इस मामले में कार्यवाही की जायेगी।

मिलिंग के लिये भेजी गई धान के बेचने की कलेक्टर के समक्ष लिखित शिकायत की गई








बालाघाट एक्सप्रेस द्वारा की गई शिकायत
(पिंकी उपाध्याय)



सिवनी-:कलेक्टर महोदय के समक्ष शिकायत का प्रारूप कुछ इस प्रकार था
सिवनी जिले में समर्थन मूल्य की धान खरीदी को लेकर हमारे जिले में वेयरहाऊस में रखी धान को मिलिंग के लिये राईस मिलरो को शासन द्वारा बनाये गये मापदंड के अनुसार मिलिंग के लिये धान प्रदान की जाती हैं जो कि इस मापदंड का अनुसरण करते हुये मिलर मिलिंग करता हैं लेकिन एक मिलर ऐसा हैं जिसने मापदंडो का अनुसरण न करते हुये अपनी मनमर्जी से काम किया जो मापदंड में नहीं आता।
महोदय जी चोखेलाल मातादीन एक ऐसा ही राईस मिलर है जो सिवनी जिले से धान को गोहद ना ले जाकर दूसरी राईस मिलरो को बेच देता है हमारी जानकारी मे कटनी में अनिल इंडस्ट्रीज में कुछ गाडिय़ा खाली होती देखी गई है श्रीमान जी इन गाडिय़ों का ं गेट पास गोहद का है जो चोखेलाल मातादीन के नाम से हैं लेकिन यह गाडिय़ा कटनी में ही खाली हो गई थी चोखेलाल मातादीन द्वारा दो दिन में ८००३ क्विंटल धान को मिलिंग के लिये ले जाया गया है अगर यह सच है तो गोहद में जो मातादीन राईसमिल है वहां पर उसका माल व वारदाना सहित माल की विवेचना करने पर खुद व खुद सच्चाई सामने आ जायेगी।
महोदय से नम्र निवेदन है कि उचित कार्यवाही करके दोषियों को दंडित दिलाने की कृपा करें उक्त मामले में अगर एफआईआर की जाती हैं तो ही दोबारा कोई राईसमिलर इस प्रकार शासन के नियमों का उल्लंघन करने के पूर्व दस बार सोचेगा।
शिकायत प्राप्त करने के पश्चात श्रीमान कलेक्टर महोदय द्वारा वीडियो क्लिप की मांग की गई जो उन्हें उपलब्ध करा दी गई हैं आपने आश्वासन दिया है कि नागरिक आपूर्ति निगम के जनरल मैनेजर से बात कर इस विषय में सक्त कार्यवाही की जायेगी।

Thursday, June 24, 2010

मध्यप्रदेश सहकारिता समिति महासंघ द्वारा राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया





(पिंकी उपाध्याय)


सिवनी-:आज दिनांक २२ जून २०१० को मध्यप्रदेश सहकारिता समिति महासंघ के प्रांताध्यक्ष अशोक मिश्रा के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा गया ज्ञापन का विषय सिवनी जिले में नागरिक आपूर्ति निगम वर्ष २००९-१० में धान उर्पाजन में घोर भ्रष्टाचार व डीएमओ जिला सिवनी द्वारा वर्ष २०१०-११ में गेंहू उर्पाजन हेतु पुरानी व रद्दी बोरी सप्लाई कर सहकारी समितियों को दोषी करार कर समिति के कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराने का विरोध कर हड़ताल करने के विषय में था।
मध्यप्रदेश सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ द्वारा धान उपार्जन नागरिक आपूर्ति निगम जिला सिवनी द्वारा आग्रह किया गया कि म.प्र. सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ द्वारा धान उर्पाजन नागरिक आपूर्ति निगम जिला सिवनी द्वारा वर्ष २००९-१० एवं समर्थन मूल्य गेंहू उपार्जन वर्ष २०१०-११ में ३६ हजार पुरानी व रद्दी बोरी डीएमओ जिला सिवनी द्वारा सहकारी समितियों में सप्लाई किया गया जिसकी शिकायत जिला प्रशासन एवं म.प्र. शासन को समय रहते हुये शिकायत व ज्ञापन के माध्यम से समय-समय पर बताया गया किंतु विभागीय अधिकारियों को छोड़ दिया गया (निलंबन) और समिति कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज किया गया किंतु विभागीय अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज किया जाना था महासंघ द्वारा बार-बार निवेदन करने पर कार्यवाही नहीं की गई इस कृत्य से क्षुब्ध होकर आंदोलन का रास्ता अपनाने में मजबूर हैं अत: उक्त बिंदुओं पर उचित पहल पर कार्यवाही किया जा सके जो निम्रानुसार हैं धान उपार्जन में परिवहनकर्ता द्वारा समिति स्थल पर वाहन भराईकर धान को नागरिक आपूर्ति निगम में कम दिखाकर समितियों में शार्टेज दिखाया गया, धान उपार्जन में परिवहनकर्ता द्वारा निर्धारित दिवसों में धान का उठाव समय पर न कर महिनों लगा दिया गया निगमकर्ता द्वारा उठाव पत्रक व समिति पत्रक से मिलना किया जावे, धान उपार्जन हेतु परिवहनकर्ता द्वारा हम्माली व बोरी भराई का पैसा समिति को समय पर न देकर बकाया राशि परविहनकर्ता द्वारा हड़प ली गई जिसकी जाँच की जावे, धान उपार्जन में समितियों को समय सीमा पर नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा उठाव की राशि प्रदान नहीं की गई जिससे समितियों के खातों पर अनावश्यक ब्याज का भार पड़ रहा है जाँच किया जावे, धान उपार्जन में नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा परिवहनकर्ता से धान का उठाव कर गोदाम में धान रखा गया व महीनों बाद समितियों को तौल पत्रक दिया गया जिसमें धान को रिजेक्ट कर दर्शाया गया साथ ही समितियों को लाखों रूपये का चूना लगा दिया गया जाँच किया जावे, गेंहू उपार्जन में बारदानों को राईस मिलों में डीएमओ के अधिकारियों के द्वारा बेचा गया व समितियों में पुरानी व रद्दी बोरियाँ प्रदान किया गया किंतु समितियों के कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बनाकर दोषी ठहराया जा रहा हैं, गेंहू उपार्जन में डीएमओ द्वारा बोरियों की कालाबजारी का स्थानीय समाचार पत्रों में हेराफेरी के संबंध में प्रकाशित किया गया लेकिन जिला प्रशासन मोन रहा किंतु कार्यवाही नहीं की गई, गेंहू उपार्जन में डीएमओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाना था किंतु विपरीत परिस्थित बनाकर समिति कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज किया जा रहा है, गेंहू उपार्जन में समितियों के कर्मचारियों द्वारा पुरानी बोरियों की पावती संबंधित विभाग को दिखाया गया किंतु उसे मान्य न करते हुये उसी के खिलाफ कार्यवाही की जा रही हैं अत: महासंघ आपसे अनुरोध करता है कि उक्त बिंदुओं पर पुन: जाँच किया जाकर समितियों के प्रति सहानुभूति व समिति कर्मचारियों को दोषमुक्त किया जाकर संबंधित विभागीय अधिकारियों पर कार्यवाही किया जावे अन्यथा की दृष्टि से महासंघ दिनांक २२.०६.१० को जिला सिवनी में एक दिवसीय धरना उग्र आंदोलन करेगा एवं दिनांक २८.०६.१० से कलमबंद हड़ताल सिवनी जिले में जारी किया जावेगा।

रोजगार कार्यालय में जॉबफेयर के नाम पर बेरोजगारो की भावनाओं के साथ किया गया खिलवाड़








रोजगार कार्यालय प्रमुख लगा रहे कलेक्टर पर आरोप
(पिंकी उपाध्याय)




सिवनी-:आज रोजगार कार्यालय में जॉबफेयर मेले के नाम पर हजारो बेरोजगार की भावनाओं के साथ जो खिलवाड़ किया गया वह अत्यंत दुखद: घटना है आज एस.एस.सी.आई. सिक्यॅूरिटी कौन्सिंल ऑफ इंडिया के नाम पर २५० बेरोजगारो का चयन कर उन्हें नौकरी पर लगाने की रोजगार कार्यालय द्वारा अधिसूचना जारी की गई थी जिसमें गरीबी रेखा के व्यक्तियों को निशुल्क प्रशिक्षण देकर सिक्यॅूरिटी गार्ड की नौकरी देने का आश्वासन दिया गया था किंतु यहां पर उसके विपरीत ही देखने को मिल रहा था यहां पर गरीबी रेखा के व्यक्तियों को छोड़कर सामान्य व्यक्ति जो गरीबी रेखा के ऊपर हैं उन्हें ६ हजार रूपये प्रशिक्षण फीस जो मध्यप्रदेश में नहीं गढ़वा (झारखंड) में देने को कहा गया और शर्म की बात तो यह है कि ऐसा रोजगार कार्यालय जैसे शासकीय संस्थान के बैनर तले किया जा रहा था बालाघाट एक्सप्रेस के ब्यूरो चीफ द्वारा जब इस साक्षात्कार प्रमुख से बात की गई तो वे इस संबंध में समुचित दस्तावेज उपलब्ध कराने में असमर्थ थे जिला रोजगार कार्यालय के महाप्रबंधक श्री मेहरा जी द्वारा इस संबंध में यह कहा गया कि यह साक्षात्कार कलेक्टर महोदय के आदेश द्वारा किया जा रहा हैं अगर आप कहे तो इसे बंद करा दे पर यह तो कोई बात नहीं हुई क्योंकि पूरे जिले से हजारो की संख्या में युवक/युवतियां इस नौकरी के लिये आये हुये थे क्योंकि रोजगार कार्यालय द्वारा इसका विज्ञापन दिया गया था क्या रोजगार कार्यालय इनकी नियम व शर्ताे से वाकिफ नहीं था ये तो वही नियम थे जो अंग्रेजो ने भारत पर शासन चलाने के लिये ईस्ट इंडिया कंपनी के माध्यम से अपनाये थे जिसमें साक्षात्कार के लिये मनीष सिंह निवासी बालाघाट से आये एस.एस.सी.आई. कंपनी के एसआई द्वारा यह कहा गया था कि जिस भी व्यक्ति ने एस.एस.सी.आई. कंपनी में प्रशिक्षण लिया है वह जीवन भर अपनी तनख्वाह का २५ प्रतिशत इस कंपनी को देगा अगर ८ हजार तनख्वाह हुई तो प्रतिमाह २ हजार रूपये एस.एस.सी.आई. कंपनी के खाते में जायेगा यह तो जीवन भर बंधुआ मजदूर बनाने की बात हो गई एक बार मुफ्त में प्रशिक्षण क्या दिया जीवन भर मलाई काटने की बात हो गई इस पर रोजगार कार्यालय प्रमुख का कहना पड़ा कि अगर सिवनी में कोई बेरोजगार आदमी काम करता हैं तो उसे २ या ३ हजार रूपये तनख्वाह मिलती हैं ऐसे में अगर ८ हजार के काम में दो हजार कट भी गये तो क्या फर्क पड़ता हैं और इन कंपनी वालो ने आसपास के सभी जिलो में यह कार्य किया हैं और हमारे ऊपर कलेक्टर महोदय का यह फरमान रहता है कि जॉबफेयर मेला आयोजित करो तो हम क्या करें जो बात थी जैसी बात थी वह जनता के सामने हैं अब जनता ही बताये कि रोजगार कार्यालय अधिकारी क्या करे और हमारे जैसे जागरूक पत्रकार क्या करें....?????




इनका कहना है
कलेक्टर सिवनी श्री मनोहर दुबे

अगर यह कंपनी यह बात करती है कि बेरोजगार व्यक्ति को रोजगार पर लगाने पर जीवन भर उसे अपनी तनख्वाह का २५ प्रतिशत एस.एस.सी.आई. कंपनी को देय होगा तो मैं स्वयं तत्काल कंपनी एवं उससे संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफ.आई.आर. कराकर उसे सख्त से सख्त सजा दिलवाऊंगा।

ये थी शर्ते
१. प्रशिक्षण की अवधि एक माह है जो भारतीय सुरक्षा दक्षता नई दिल्ली के द्वारा संचालित किया जाता हैं।
२. प्रशिक्षण समाप्ति के अगले दिन से ही ड्यूटी मानी जायेगी।
३. पदस्थापना सूची प्रशिक्षण समाप्ति के दिन ही जारी कर दी जायेगी जो भारत सरकार, राज्य सरकार पब्लिक सेक्टर, मल्टीनेशनल कंपनी के बड़े एवं प्रमुख संस्थानों में पदस्थापित की जायेगी और पूरे भारत वर्ष में मान्य होगा।
४. प्रशिक्षण समाप्ति के उपरांत पोस्टिंग एवं स्थानांतरण के दौरान टी.ए. एवं डी.ए. भत्ता देय है जो पूरे भारत वर्ष के लिये लागू हैं।
५. भारत सरकार के स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत गरीबी रेखा के नीचे बसर करने वाले बीपीएल परिवार के सदस्यों को नि:शुल्क प्रशिक्षण देकर नियुक्ति दी जायेगी जिसके लिये उम्मीदवार अथवा उसके माता पिता का नाम बी.पी.एल. राशन कार्ड/सूची में अंकित होना चाहिये।
६. बी.पी.एल. सूची को ग्राम सेवक या बी.डी.ओ. से प्रमाणित करा कर लाना हैं।
७. प्रशिक्षण के उपरांत (भारतीय सुरक्षा दक्षता) नई दिल्ली के द्वारा प्रशिक्षण प्रमाण पत्र प्रदान किया जायेगा जो कि देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में मान्य होगा।
८. वेतन, संबंधित राज्य सरकार के न्यूनतम वेतन अधिनियम के अंतर्गत देय है साथ ही अन्य भत्ता योग्यता अनुसार।
९. केंद्र/राज्य सरकार के नियमावली के तहत ग्रेज्यूटी, बोनस, पी.एफ.ई.एस.आई. एवं विभाग द्वारा ग्रुफ एक्सीडेंटल इन्श्यारेंस पॉलिसी की सुविधा देय हैं।
१०. कर्मचारी/विधवा को सरकार के नियमावली के तहत पेंशन की सुविधा देय हैं।
११. प्रतियोगिता के अनुसार दो बच्चों की पढ़ाई इंडियन पब्लिक स्कूल देहरादून में वेतन के १५ प्रतिशत व्यय पर कराई जाती हैं।
१२. विभागीय सेवा ट्रस्ट के द्वारा कर्मचारी के हित में समय-समय पर वित्तीय सहायता एवं मेडिकल सुविधा का प्रावधान हैं।
१३. रिटायरमेंट की आयु सीमा ५८ वर्ष जो कि भर्ती के दिन से माना जायेगा।
१४. समय-समय पर विभागीय पदोन्नति का प्रावधान।
१५. विभागीय छुट्टी उपस्थिति के आधार पर देय हैं।
१६. प्रशिक्षण के दौरान अतिरिक्त प्रशिक्षण का प्रावधान किया गया है जैसे-:इलेक्ट्रानिक, सेफ्टी डिभईज फायर फायटिंग, क्लोज सर्किट टी. भी. इंगलिश स्पिकिंग एवं कम्प्यूटर प्रशिक्षण की विशेष सुविधा दी जाती हैं।
१७. अपने स्थानीय थाना से चरित्र प्रमाण पत्र बनवाकर लाना हैं।