Sunday, June 13, 2010

फर्जी एफडीआर के माध्यम से करोड़ो का घोटाला करने वाले के खिलाफ सप्रमाण शिकायत की जकी अनवर ने


(पिंकी उपाध्याय)
सिवनी-:विगत दिनों जल संसाधन विभाग बैनगंगा कछार परियोजना के अंतर्गत हुये भारी भ्रष्टाचार के संबंध में शिकायतकर्ता जकी अनवर खान एडव्होकेट एवं उपाध्यक्ष नगर कांग्रेस कमेटी सिवनी ने अपनी विज्ञप्ति में अन्य दोषी अधिकारियों के साथ-साथ ब्लैक लिस्टेड फर्माे के संचालकों और साझेदारों के विरूद्ध भी आपराधिक प्रकरण दर्ज कर शासन को अवैध रूप से लाखों रूपये की क्षति पहँुचाने के लिये विधि अनुसार अभियोजित किये जाने की मांग की हैं उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग में वर्ष २००८ में ४७ लाख रूपये की फर्जी एफडीआर के माध्यम से लगभग १०२ करोड़ रूपये के कार्य प्राप्त कर लेने वाले ठेकेदार और उनके अन्य सहयोगियों के विरूद्ध अब तक आपराधिक कार्यवाही प्रारंभ नहीं हो पाई है इस संबंध में शिकायतकर्ता ने थाना सिवनी में एक सप्रमाण लिखित शिकायत की है यद्यपि एक संबंधित कार्यपालन यंत्री को निलंबित किया जा चुका है तथा मुख्य अभियंता पी.सी. महोबिया के विभिन्न आवासों पर करोड़ों रूपये के बेनामी संपत्ति जप्त होने के साथ-साथ नोट गिनने की मशीन तथा नकली नोट पकडऩे की मशीन भी जप्त की गई हैं जिससे यह प्रमाणित होता है कि संबंधित अधिकारी को रिश्वती नोट गिनने की फुरसत भी नहीं हुआ करती थी और उन्हें यह भी भय था कि फर्जी एफडीआर लगाने वाले ठेकेदार उन्हें नकली नोट रिश्वत में ना दे सकें इस स्वप्रमाणित भ्रष्टाचार के अन्य आरोपियों में प्रमुख अभियंता के.सी. प्रजापति तथा अन्य कार्यपालन यंत्रियों और अनुविभागीय अधिकारियों तथा संभागीय लेखापाल सहित अन्य संबंधितों के विरूद्ध अब तक आपराधिक कार्यवाही प्रारंभ नहीं की गई हैं विज्ञप्ति में यह भी आरोप लगाया गया है कि शासन जान बूझकर इन अधिकारियों और मंत्री जी के खास ठेकेदार को बचाव का पर्याप्त अवसर देकर जाँच और कार्यवाही के नाम पर मात्र छलावा कर रहा है विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि इन संबंधित अधिकारियों की संपत्ति की भी जाँच की जावे और उनके विरूद्ध हुई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही की जावे।

प्रदर्शनी में हुई छेड़छाड़ के आरोपियों ने लड़की के भाईयों पर लगाया अपहरण का आरोप


(पिंकी उपाध्याय)


दोनो पक्षो के विरूद्ध प्रकरण दर्ज
सिवनी-:विगत रात्रि श्री मुकेश श्रीवास्तव अपने परिवार के साथ प्रदर्शनी गये थे वहां उनकी पुत्री के साथ छेड़छाड़ करते हुये उसका दुपट्टा खींचने की हिमाकत करने वाले शुभम तिवारी उर्फ चिंटू के विरूद्ध छेड़छाड़ का अपराध धारा ३५४ कायम कर प्रकरण जाँच में लिया गया हैं।
वहीं शुभम तिवारी अपनी सत्ता पार्टी में चलती पहँुच के दम पर स्वयं लापता होकर तरूणी के भाई एवं उसके मित्रो के विरूद्ध मामला बनवाने में कामयाब हो गया पुलिस द्वारा लकी श्रीवास्तव, शानू खान, मोंंटू भूरा, सलमान एवं रेहान के विरूद्ध शुभम के साथ मारपीट कर उसे अपहरत करने पर धारा १४७, ३६५, ३२३, २९४ के तहत मामला कायम कर जाँच में लिया गया हैं।

चिल्हर का विवाद बना मारपीट का कारण



व्यापारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया
(पिंकी उपाध्याय)

सिवनी-:विगत दिवस पानी के पाऊच खरीदने से उपजे चिल्हर के विवाद पर बुधवारी बाजार के पान विक्रेता रवि चौरसिया एवं उसके कर्मचारियों द्वारा किशोर नाविक एवं उनकी पत्नि श्रीमति अनुसुईया नाविक की गरमागरम बहस हो गई दुकानदार का बेटा जो दुकान के बाहर खड़ा था उसने किशोर नाविक को पीटना शुरू कर दिया पति को पिटता देख जब पत्नि ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो दुकानदार के पुत्र ने उसे भी नहीं छोड़ा एवं बड़ी बेरहमी से महिला की भी पिटाई कर दी जिससे किशोर नाविक को मुंह एवं हाथ में तथा श्रीमति अनुसुईया नाविक को मुंह, कान एवं पेट में चोटे आई हैं।
नाविक दंपत्ति द्वारा घटना की सूचना पुलिस थाने में दी गई जिस पर शहर में गस्त में घूम रहे चीता मोबाईल को संबंधित दुकानदार को गिरफ्तार कर नसीहत देने का आदेश दिया गया जिस पर चीता फोर्स द्वारा तत्काल मौके पर पहँुचकर दुकानदार एवं उसके पुत्र को थाना कोतवाली ले जाकर बंद कर दिया गया किंतु बाजार में यह अफवाह उड़ गई कि नाविक दंपत्ति का किसी पुलिस परिवार से नजदीकी रिश्ता है और पुलिस द्वारा इस मामले में गलत कार्यवाही की गई हैं।
आज सुबह बुधवारी बाजार के समस्त व्यापारियों द्वारा इस घटना के विरोध में दुकान बंद कर विरोध प्रदर्शन किया गया एवं पुलिस द्वारा की गई इस कार्यवाही के विरोध में जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया एवं पुलिस अधीक्षक से मिलकर इस घटना से संबंधित पुलिस कर्मचारियों पर कार्यवाही की मांग की जिला पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में तत्काल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को इस घटना की जाँच कर उसका जाँच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया हैं तत्पश्चात व्यापारी लोगो द्वारा अपने प्रतिष्ठानो को खोला गया।

"उक्त घटना में व्यापारियों द्वारा नाविक दंपत्ति के साथ की गई मारपीट में मूक दर्शक की भूमिका निभाई गई और जैसे ही दुकानदार पर कार्यवाही हुई विरोध प्रदर्शन किया गया किसी ने जाकर उस महिला को नही देखा जिसका इस मारपीट में बाला खिचने के कारण कान बुरी तरह से कट गया"

Saturday, June 12, 2010

अखंड सुहाग की मंगल कामना के साथ महिलाओं ने मनाया वट सावित्री पर्व


सिवनी 12 जून महिलाओं द्वारा वट वृक्ष की छाव में वट सावित्री पर्व बडे भक्ति भाव से मनाया गया यह वृत सौभाग्यवती स्त्रियों का प्रमुख पर्व माना जाता है यह वृत जेष्ठ कृष्ण की अमावस्या को किया जाता है इस दिन वट (बरगद) के वृक्ष की पूजा होती है इस दिन सत्यवान सावित्री और यमराज की पूजा होती है। स्त्रियां इस वृत को अखण्ड सौभाग्यवती अर्थात् अपने पति की लम्बी आयु सेहत तथा तरक्की के लिये करती है सावित्री ने इसी वृत के द्वारा अपने पति सत्यवान को धर्मराज से छीन लिया था।

Monday, June 7, 2010




जिला शिक्षा अधिकारी एल.एस. ठाकुर की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में
शुरूआती शिक्षा से ही की जा रही लूट को समर्थन

(पिंकी उपाध्याय)
घटना का विवरण
१७ अप्रैल २०१० को कचहरी चौक के पास संदेश सदन में लगने वाले सैंट फ्रांनसिस ऑफ असिसि स्कूल में सुबह ९ बजे से नर्सरी से कक्षा चौथी तक प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी जिसमें छोटे-छोटे नन्हें छात्र/छात्राओं को शाला भवन के अंदर लेकर बाहर से शटर बंद कर दिया गया था एवं पालकों को बाहर रखा गया था इसी परीक्षा के चलते एक जागरूक पालक द्वारा इस परीक्षा की जानकारी मान. कलेक्टर महोदय एवं जिला शिक्षा अधिकारी को १० बजे दी गई किंतु ११ बजे जब ये परीक्षा समाप्त हुई तब जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर आये शिक्षा विभाग के अमले द्वारा इस परीक्षा को अवैध बताते हुये पालकों को नसीहत सुनाई गई जब एक पालक ने कहा कि आप हमसे क्या चाहते हैं तो शिक्षा विभाग उडऩ दस्ता के अधिकारी ने कहा कि पंचनामे में ५ पालको के हस्ताक्षर चाहिये तब एक पालक ने उन्हें बताया कि सभी पालको के हस्ताक्षर सामने बैठी शिक्षिका के पास हैं तो शिक्षिका कागजो समेत दौड़कर शाला भवन में प्रिंसीपल के रूम के अंदर चली गई तत्पश्चात समस्त पालको को शाला प्रांगण से बाहर कर शाला द्वार में ताला लगा दिया गया इसके बाद अंदर क्या बात हुई इसका न तो जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा खुलासा किया गया और ना ही शाला के व्यवस्थापक शिक्षको द्वारा।
की गई कार्यवाही का विवरण
दिनांक १९-०४-२०१० को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सैंट फ्रांनसिस ऑफ असिसि स्कूल को कारण बताओ नोटिस क्रमांक १२५३/मान्यता/२०१० जारी किया गया जिसके अनुसार विकासखंड शिक्षा अधिकारी सिवनी द्वारा प्रस्तुत निरीक्षण प्रतिवेदन के अनुसार विकासखंड शिक्षा अधिकारी सिवनी के नेतृत्व में निरीक्षण दल द्वारा दिनांक १७-०४-२०१० को आपके विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान विद्यालय में उपस्थित कुछ पालकों द्वारा मौखिक जानकारी दी गई कि विद्यार्थियों के प्रवेश हेतु परीक्षा/साक्षात्कार लिया जा रहा है जिसकी पुष्टि प्राचार्य द्वारा की गई हैं चंूकि दिनांक ०१-०४-२०१० से संपूर्ण मध्यप्रदेश में शिक्षा का अधिनियम २००९ लागू किया गया हैं जो कि समस्त शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त विद्यालयों पर लागू हैं जिसके परीपालन में विद्यालय में प्रवेश हेतु बच्चों को साक्षात्कार/प्रवेश परीक्षा अथवा स्क्रीनिंग आदि पूर्णत: प्रतिबंधित हैं विद्यालय के संबंध में इस प्रकार की शिकायत प्राप्त अर्थात आपके द्वारा भारत सरकार द्वारा पारित शिक्षा का अधिकार अधिनियम २००९ का पालन नहीं किया जा रहा है जो कि अत्यंत आपत्ति जनक हैं उक्त संबंध में अपना स्पष्टीकरण ३ दिवस के अंदर इस कार्यालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
इस कार्यवाही में सैंट फ्रांनसिस ऑफ असिसि स्कूल के शाला प्रबंधक द्वारा दिये गये पत्र जो कि अंग्रेजी भाषा में था उसमें यह कहा गया था कि श्रीमान जिला शिक्षा अधिकारी महोदय सिवनी मान्यवर जी आपके कार्यालय से कुछ लोग किसी जाँच के लिये हमारी शाला में आये थे किंतु मैंनेजर इंचार्ज का आपरेशन हुआ हैं और वे अभी तक अस्पताल में ही हैं अत: हम आपको वर्तमान में कोई कागजात नहीं उपलब्ध करा सकते है जैसे ही वो ठीक होते हैं उनके मार्गदर्शन में हम आपको आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा देंगे असुविधा के लिये खेद हैं।


स्कूल प्रशासन द्वारा कारण बताओ नोटिस का दिया गया जवाब
कारण बताओ सूचना पत्र के जवाब में शाला प्रशासन द्वारा यह जवाब दिया गया कि पत्र क्रमांक १२५३, दिनांक १९-०४-२०१० उपरोक्त संदर्भित पत्र के द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम के उल्लंघन के संबंध में विद्यालय से कारण बताओ नोटिस चाहा गया तत्संबंध में निवेदन है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम दिनांक ०१-०४-२०१० से लागू किया गया हैं तथा शिक्षा अधिकार अधिनियम में कक्षा नर्सरी के प्रवेश हेतु प्रवेश परीक्षा स्क्रीनिंग/साक्षात्कार को प्रतिबंधित किया गया जबकि इस विद्यालय द्वारा माह फरवरी २०१० में ही कक्षा नर्सरी की प्रवेश परीक्षा पूर्ण कर ली गई थी दिनांक १९-०४-२०१० को विकासखंड शिक्षा अधिकारी के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान नर्सरी के अतिरिक्त अन्य बड़ी कक्षाओं में प्रवेश हेतु बच्चों के स्तर का परीक्षण किया जा रहा है अर्थात आवेदक छात्र/छात्रा को किस कक्षा में प्रवेश दिया जाना है यह ज्ञात किया जाकर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण की जा रही हैं जो कि विकासखंड अधिकारी सिवनी के निर्देशानुसार यह परीक्षण कार्य भी तत्काल स्थगित कर दिया गया है विद्यालय प्रबंधन सदैव शासन द्वारा जारी नीति निर्देशो के अनुरूप विद्यालय संचालन हेतु प्रतिबद्ध हैं।
मामले की सच्चाई
१. इस मामले में सर्व प्रथम आकस्मिक निरीक्षण के दौरान कोई कागज जप्त न किया जाना जो कि सामने ही रखे थे जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा भेजे गये निरीक्षण अधिकारी की कार्यप्रणाली पर प्रश्र चिन्ह लगाता हैं।
२. जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा लगातार पत्रकारो को कार्यवाही चल रही हैं कहकर टालना एवं संबंधित बाबू छुट्टी पर हैं कहकर दिनांक ३० अप्रैल तक टाला गया।
३. इस मामले में स्कूल प्रबंधन द्वारा दिये गये कारण बताओ सूचना पत्र के जवाब के आधार पर कैसे जिला शिक्षा अधिकारी संतुष्ट हो गये यह भी संदेह को गहरा करता हैं।
४. अंतत: इसी प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर २५-०४-२०१० को शाला के नोटिस बोर्ड में टंगी सूची जिसमें उत्तीर्ण छात्रों के नाम जिनमें केजी वन के चार, केजी टू के दस, पहली के ग्यारह, दूसरी के दो, तीसरी के तीन, चौथी के चार, पाँचवी के दो छात्रों के नाम एवं फीस जमा करने की अंतिम तिथि ०१-०५-२०१० लिखी थी एवं एडमीशन के समय जन्म प्रमाण पत्र एवं पिछली कक्षा की अंक सूची की मांग करते हुये एडमीशन फार्म भरने की बात लिखी थी।

निर्णय
इस प्रक्रिया का अंतत: यही निर्णय निकला कि नियम तो होते ही हैं तोडऩे के लिये आज वह पालक जिसने प्रशासन के अधिकारियों पर भरोसा करते हुये यह कदम उठाया था उसे कितनी ठेस लगी होगी और लगना ही चाहिये क्योंकि आज के युग में पैसा हर गलती को दबाने में सक्षम हैं अगर आज भी जिला शिक्षा अधिकारी में स्वाभिमान जिंदा हैं तो वे इस स्कूल के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही जरूरी करेंगे क्योंकि इस अवैध परीक्षा से संबंधित सभी दस्तावेज आज भी उस पालक के पास में मौजूद हैं।

अवैध सागौन भरकर ला रहे आटो को किया राजसाद
(पिंकी उपाध्याय)
सिवनी-:सिवनी वनपरिक्षेत्र के अंतर्गत काष्ठागार डिपो में उपस्थित कर्मचारियों को मुखबिर से यह सूचना प्राप्त हुई थी कि एक आटो रिक्शा में अवैध रूप से काटी गई सागौन की लकड़ी लाई जा रही है सूचना के आधार पर काष्ठागार के अधिकारी और कर्मचारी उक्त आटो की प्रतीक्षा करते रहे शाम लगभग ७.३० बजे मैली गांव की तरफ से एक आटो रिक्शा आता हुआ दिखाई दिया जिसे कर्मचारियों ने सड़क के किनारे रोकने के संकेत दिये किंतु आटो नहीं रूका और तीव्रगति से आगे बढ़ गया संदेह होने पर कर्मचारियों ने उक्त आटो का पीछा किया कर्मचारियों को पीछा लगा देख आटो चालक ने जनता नगर से पिपरिया की ओर जाने वाले मार्ग में लगभग ५० मीटर भीतर जाकर न केवल आटो रोक दिया बल्कि उसमें सवार दो लोग आटो को वहीं छोड़कर फरार हो गये जिनकी पहचान अंधेरे के कारण न हो सकी और न ही उन्हें पकड़ा जा सका कर्मचारियों द्वारा उक्त आटो की तलाशी ली गई जिसमें ६ नग सागौन के टुकड़े जो कि ०.०८९ घन मीटर भरे हुये थे कर्मचारियों द्वारा उक्त आटो को जप्त किया जाकर परिक्षेत्र कार्यालय लाया गया और लकड़ी की जप्ती बनाई जाकर आटो की भी जप्त कर लिया गया तथा प्रकरण क्रमांक ४६९९/५ दिनांक ०२ मई १० के अंतर्गत धारा ४१ भारतीय वन अधिनियम १९२७ पंजीकृत कर वन परिक्षेत्र अधिकारी ने अगले दिन अपना प्रतिवेदन तैयार कर आटो में जप्त सागौन और आटो के राजसाद का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को दिया प्राधिकृत अधिकारी एवं उपवन मंडल अधिकारी सिवनी सामान्य आर.बी. सिंह के द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि उक्त वन अपराध प्रथम दृष्टया म.प्र. वनोपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम १९६९ की धारा ५ एवं १७ अंतर्गत पाया जाने के कारण राजसाद की सूचना मुख्य न्यायायिक दंडाधिकारी सिवनी को आगे बढ़ाते हुये चूकि आटो चालक और उसमें रखी लकड़ी का मालिक फरार हो चुके थे ऐसी स्थित में समाचार पत्रों के माध्यम से उनके वारसानो को उपस्थित होकर अपना दावा प्रस्तुत किये जाने का अवसर प्रदान किया गया था निश्चित अवधि बीत जाने के बाद भी जब आटो और उसमें जप्त लकड़ी के संबंध कोई दावा प्राप्त नहीं हुआ इसीलिये ऐसी स्थिति में धारा १५ (५)ग एवं घ मध्यप्रदेश वनोपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम १९६९ अंतर्गत की कार्यवाही को मेरे विचार से आवश्यकता प्रतीत नहीं होती एवं वाहन से ६ नग अवैध सागौन के परिवहन का अपराध सिद्ध होता है उक्त परिस्थिति में मैं अपने अधिकारो का उपयोग करते हुये अवैध सागौन के परिवहन में लिप्त पाये जाने वाले वाहन आटो रिक्शा एम.पी. २८ टी. ०१९६ को शासन के पक्ष में राजसाद करने के आदेश पारित करता हँू।

Saturday, June 5, 2010




जल संसाधन के मुख्य अभियंता के निवास व कार्यालय में लोकायुक्त के संयुक्त छापे
(पिंकी उपाध्याय)


सिवनी-:आज लोकायुक्त की एक टीम के द्वारा प्रात: ५.३० बजे जलसंसाधन विभाग के मुख्य अभियंता के अपर बैनगंगा कालोनी स्थित कार्यालय एवं विश्रामगृह के उस कक्ष में जिसमें मुख्य अभियंता पी.सी. महोबिया निवासरत है मैं छापा मारकर आवश्यक जाँच पड़ताल की गई और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जप्त किये गये हैं छापामार दल में आये अधिकारियों ने बताया है कि प्राप्त शिकायत के आधार पर आज श्री महोबिया के जबलपुर सहित भोपाल और पूना स्थित निवास के अलावा सिवनी के कार्यालय तथा उनके अस्थायी निवास पर छापे की कार्यवाही की गई हैं जो लगभग ४८ घंटे तक जारी रहेगी उन्होने बताया है कि उन्हें इस आशय की शिकायत प्राप्त हुई थी कि श्री महोबिया के पास उनकी आय से अधिक संपत्ति हैं जिसकी जाँच की जा रही है अब तक जाँच दल को श्री महोबिया के निवास से संपत्ति के जो ब्यौरे प्राप्त हुए हैं उनकी अनुमानित किंतु अपुष्ट कीमत २७ करोड़ रूपए आंकी जा चुकी हैं उल्लेखनीय होगा कि जिले के प्रतिष्ठित अधिवक्ता और कांग्रेस के एक महत्वपूर्ण अधिकारी जकी अनवर खान द्वारा पेंच परियोजना में की गई व्यापक धांधलियों की जाँच किये जाने हेतु पुलिस सहित अन्य अधिकारियों और प्रदेश के संबंधित मंत्रालय को सप्रमाण शिकायते प्रेषित की गई थी परिणाम स्वरूप कार्यवाही का सिलसिला प्रारंभ हुआ हैं जिसके तहत कार्यपालन यंत्री आर.के. तिवारी को पहले ही निलंबित किया जा चुका है और इस परियोजना का ठेका लेने वाले एस.के. जैन जिन्होंने ४७ लाख रूपये की नकली एफ.डी.आर. जमा की थी को ब्लैक लिस्टेट किया जा चुका है इसके बाद आज लोकायुक्त के दल ने विभाग के मुख्य अभियंता श्री महोबिया के निवास और कार्यालय में छापामार कार्यवाही कर अन्य अधिनस्थों के होश फाख्ता कर दिये है श्री जकी अनवर खान का कहना है कि अभी भी इस मामले में कई अधिकारी और कर्मचारी जाँच के घेरे से बाहर है जो इस पूरे मामले में बराबर के सहभागी रहे हैं देखना यह है कि उन पर कब तक जाँच की यह गाज गिरेजी।