



(पिंकी उपाध्याय)
सिवनी के युवाओं का भविष्य खतरे में
जिसने एक बार यह किया वो ही बन जाता है बिक्री एजेंट
सिवनी। नगर में इन दिनों एक कश के जुगाड़ में नवयुवक सुबह से शाम और शाम से रात तक इधर से उधर और कुछ भी करने को तैयार खड़े है कारण सिर्फ इतना है कि यह कश जो एक बार पी लेता है वह उसका आदी हो जाता है और फिर उसका एजेंट बन जाता है क्योंकि यह कश 100 से 1000 और 1000 से 10,000 तक का भी हो सकता होता है। जी हॉं यह वही नशा है जिसे महानगरों में ड्रग्स के नाम से जाना जाता है जिसमें कोकीन,हेरोइन ,ब्राउन शुगर की मात्रा होती है जिसकी मात्रा के हिसाब से पुडिय़ा की कीमत तय होती है किंतु अब यह नशा अपने पांव पसार चुका है।
माफिया की तर्ज पर फैला है कारोबार
अब सवाल यह उठता है कि शहर में ड्रग्स का विक्रय कैसे होता है शहर के कुख्यात निचले तबके के लोगों द्वारा पहले तो युवाओं को इसका आदी बनाया जाता है उसके बाद जब वह युवा इसका आदी हो जाता है तो उसे ही एजेंट के रूप में प्रयोग में लाया जाता है इसका कारोबार सिवनी से नागपुर तक आर्गनाईज क्राइम के रूप में विकसित है जिसे हमने तो समझ लिया लेकिन प्रशासन क्यों नही समझ रहा है।
ड्रग्स के सबंध में पुलिस प्रशासन के मुख से
इस संबंध में सिवनी थाना कोतवाली मे जानकारी देने पर थाने में उपस्थित एएसआई एम.पी.तिवारी द्वारा बताया गया कि सर्वप्रथम पुडिय़ा को जांच हेतु भेजा जायेगा अगर उसमें कोई नशीले पदार्थ की पुष्टि होगी तभी प्रक्रिया आगे बढ पायेगी। क्योंकि एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपी को आजीवन कारावास तक का प्रावधान है एवं प्रकरण की पुष्टि न होने पर हमें खामियाजा भुगतना पड़ता है। इसी विषय पर वर्तमान कोतवाली प्रभारी सब इंस्पेक्टर विजय तिवारी से बात करने पर उन्होनें कहा कि हमें जो टे्रनिग मिली है उसके अनुसार ब्राउन शुगर सफेद दानेदार पाउडर होता है यह मटमैला पाउडर ब्राउन शुगर है कि नहीं मै नही बता सकता किंतु इस मामले में जांच कर हम आवश्यक कार्यवाही जरूर करेगें ।
सिवनी की वर्तमान स्थिति
अगर आज शहर में पुडिया पीने वालों की गणना की जाएं तो यह संख्या हजार के ऊपर होगी जिसमें नगर के संभ्रात परिवारों से लेकर एक गरीब मजदूर भी शामिल है अगर प्रशासनिक जांच की यही रफ्तार रही तो इस नशे के आदी नगर के युवाओं की संख्या कई गुना बढ जायेगी अगर जल्दी प्रशासन इस विषय में नही जागा तो हर दूसरे घर में इस नशे का आदी एक व्यक्ति होगा और यह नशा ऐसा है कि परिवार का एक सदस्य अगर इसका आदी हो तो पूरा परिवार इसकी सजा भुगतता है।

