Sunday, July 11, 2010

महानगरों के बाद अब सिवनी भी ड्रग्स की चपेट में














(पिंकी उपाध्याय)





सिवनी के युवाओं का भविष्य खतरे में

जिसने एक बार यह किया वो ही बन जाता है बिक्री एजेंट




सिवनी। नगर में इन दिनों एक कश के जुगाड़ में नवयुवक सुबह से शाम और शाम से रात तक इधर से उधर और कुछ भी करने को तैयार खड़े है कारण सिर्फ इतना है कि यह कश जो एक बार पी लेता है वह उसका आदी हो जाता है और फिर उसका एजेंट बन जाता है क्योंकि यह कश 100 से 1000 और 1000 से 10,000 तक का भी हो सकता होता है। जी हॉं यह वही नशा है जिसे महानगरों में ड्रग्स के नाम से जाना जाता है जिसमें कोकीन,हेरोइन ,ब्राउन शुगर की मात्रा होती है जिसकी मात्रा के हिसाब से पुडिय़ा की कीमत तय होती है किंतु अब यह नशा अपने पांव पसार चुका है।





माफिया की तर्ज पर फैला है कारोबार

अब सवाल यह उठता है कि शहर में ड्रग्स का विक्रय कैसे होता है शहर के कुख्यात निचले तबके के लोगों द्वारा पहले तो युवाओं को इसका आदी बनाया जाता है उसके बाद जब वह युवा इसका आदी हो जाता है तो उसे ही एजेंट के रूप में प्रयोग में लाया जाता है इसका कारोबार सिवनी से नागपुर तक आर्गनाईज क्राइम के रूप में विकसित है जिसे हमने तो समझ लिया लेकिन प्रशासन क्यों नही समझ रहा है।





ड्रग्स के सबंध में पुलिस प्रशासन के मुख से
इस संबंध में सिवनी थाना कोतवाली मे जानकारी देने पर थाने में उपस्थित एएसआई एम.पी.तिवारी द्वारा बताया गया कि सर्वप्रथम पुडिय़ा को जांच हेतु भेजा जायेगा अगर उसमें कोई नशीले पदार्थ की पुष्टि होगी तभी प्रक्रिया आगे बढ पायेगी। क्योंकि एनडीपीएस एक्ट के तहत आरोपी को आजीवन कारावास तक का प्रावधान है एवं प्रकरण की पुष्टि न होने पर हमें खामियाजा भुगतना पड़ता है। इसी विषय पर वर्तमान कोतवाली प्रभारी सब इंस्पेक्टर विजय तिवारी से बात करने पर उन्होनें कहा कि हमें जो टे्रनिग मिली है उसके अनुसार ब्राउन शुगर सफेद दानेदार पाउडर होता है यह मटमैला पाउडर ब्राउन शुगर है कि नहीं मै नही बता सकता किंतु इस मामले में जांच कर हम आवश्यक कार्यवाही जरूर करेगें ।





सिवनी की वर्तमान स्थिति
अगर आज शहर में पुडिया पीने वालों की गणना की जाएं तो यह संख्या हजार के ऊपर होगी जिसमें नगर के संभ्रात परिवारों से लेकर एक गरीब मजदूर भी शामिल है अगर प्रशासनिक जांच की यही रफ्तार रही तो इस नशे के आदी नगर के युवाओं की संख्या कई गुना बढ जायेगी अगर जल्दी प्रशासन इस विषय में नही जागा तो हर दूसरे घर में इस नशे का आदी एक व्यक्ति होगा और यह नशा ऐसा है कि परिवार का एक सदस्य अगर इसका आदी हो तो पूरा परिवार इसकी सजा भुगतता है।

Saturday, July 10, 2010

विनोद शर्मा फुटबाल के राष्ट्रीय निर्णायक घोषित



अखिल भारतीय फुटबाल संघ ने राष्ट्रीय फुटबाल निर्णायकों की घोषणा कर दी है, जिसमें सिवनी जिले से श्री विनोद शर्मा को फुटबाल का राष्ट्रीय निर्णायक घोषित किया गया है। गौरतलब है कि मध्यप्रदेश से मात्र दो राष्ट्रीय फुटबाल निर्णायक घोषित किये गये है, जिनमें भोपाल से तनवर तथा सिवनी जिले से श्री विनोद शर्मा सफल हुए है। उल्लेखनीय है कि अभी हाल ही में कलकत्ता में आयोजित रैफरी फिटनेस टेस्ट का आयोजन अखिल भारतीय फुटबाल संघ द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें विनोद शर्मा शामिल हुए थे। इस उपलब्धि पर जिला फुटबाल संघ के समस्त पदाधिकारियों ने विनोद शर्मा को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की है।

राष्ट्रीय संतोष ट्राफी में भाग लेने के लिए मध्यप्रदेश टीम के कोचिंग कैम्प के लिए विकास चौहान का चयन




राष्ट्रीय संतोष ट्राफी फुटबाल ट्राफी में भाग लेने के लिए मध्यप्रदेश टीम का चयन स्पर्धा दिनांक 6 जुलाई 2010 से 8 जुलाई 2010 तक देवास में सम्पन्न हुई। इस चयन स्पर्धा में सम्मलित होने के लिए जिला फुटबाल संघ सिवनी द्वारा शेख अख्तर एवं विकास चौहान को भेजा गया था, जिसमें कोचिंग कैम्प के लिए विकास चौहान का चयन 26 खिलाडिय़ों में किया गया। कोचिंग कैम्प के उपरांत मध्यप्रदेश की टीम का चयन किया जाकर 17 जुलाई को मध्यप्रदेश की टीम राष्ट्रीय संतोष ट्राफी फुटबाल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए कलकत्ता प्रस्थान करेंगी।

Tuesday, July 6, 2010

आज भी जारी है नगर में विस्फोटको का भारी मात्रा में संग्रहण








एक चिंगारी ही पूरे क्षेत्र को तहस नहस करने के लिये काफी



(पिंकी उपाध्याय)






सिवनी-:सिवनी के नगरीय रहवासी क्षेत्र के अंतर्गत महावीर मढिय़ा के समीप और स्टेशन मार्ग के इलाके में स्थित माचिस के बड़े-बड़े गोदाम आमजनता के लिये जोखिम भरे हो गये है इन गोदामों में हर हफ्ते बड़ी मात्रा में माचिसों का संग्रह कभी भी हादसों को जन्म दे सकता हैं नगर में इसके पूर्व भी यही गलती गंभीर दुर्घटना का रूप ले चुकी हैं इसके पूर्व मंगलीपेठ में हुये विस्फोट की यादे आज भी भयभीत कर देती हैं इसी प्रकार टिग्गा मोहल्ले में हुये विस्फोट से तो पूरी ईमारत ही धाराशाही हो गई थी इस विषय में पुलिस प्रशासन को तत्काल कोई कार्यवाही करनी पडेंग़ी नहीं तो फिर से कोई नया हादसा जन्म लेगा क्योंकि अत्याधिक मात्रा में बारूद से भरे गोदामो को भड़काने में एक ही चिंगारी काफी होती है बिना किसी सूचना और मंजूरी के ये गोदाम रहवासी क्षेत्र में स्थित है ऐसे गोदामों को शहर से बाहर किसी सुरक्षित स्थानों में होना चाहिये।
विगत दिवस इसी लापरवाही के चलते बुधवारी बाजार में स्थित एक प्लास्टिक दुकान में आग लग गई थी जिसके चलते मिनिटो में पूरी दुकान जलकर खाक हो गई थी वो तो समय रहते इस आग पर काबू पा लिया गया नहीं तो आसपास के दुकानदारों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता। (फोटो संलग्र)
इस संबंध में हमारी जनप्रतिनिधियों से एवं संबंधित अधिकारियों से यह विनम्र अपील है कि इन खतरनाक गोदामोंं को सुरक्षित क्षेत्र में स्थापित कराकर रहवासी क्षेत्र में होने वाली दुर्घटनाओं का बचाव करें क्योकि अगर ऐसे ही प्रशासन आँख बंद कर कर बैठा रहेगा तो फिर कोई भीषण दुर्घटना होगी।

Monday, July 5, 2010

महंगाई विरोधी बंद शांतिपूर्ण रूप से सफल हुआ

















पुलिस अधीक्षक द्वारा सफल नेतृत्व के कारण कोई अप्रिय घटना नहीं हुई घटित
नगरवासियों द्वारा बंद को पूर्ण समर्थन दिया गया
(पिंकी उपाध्याय)





सिवनी-:५ जुलाई केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोलियम पदार्थाे की मूल्य वृद्धि के विरोध में विपक्ष द्वारा कराये गये बंद को सिवनी में पूर्ण रूप से समर्थन दिया गया इस बंद का आव्हृान भाजपा, माक्र्सवादी कम्यूनिष्ट पार्टी और जनता दल यूनाईटेड एवं सहयोगी दलों द्वारा किया गया था जिसे नगर में बस ऑपरेटर संघ, जिला ड्रग्स एसोसिएशन द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।
सुबह ९ बजे से ही बंद समर्थकों ने एकत्रित होना चालू कर दिया था किंतु पुलिस अधीक्षक श्री रमनसिंह सिकरवार द्वारा पहले ही कोई अप्रिय घटना न हो इसीलिये पुलिस की समुचित व्यवस्था कर ली गई थी एवं श्री सिकरवार स्वयं ही इसका नेतृत्व कर रहे थे अधिकतर व्यापारियों द्वारा पूर्व ही बिना किसी विरोध के दुकाने बंद कर ली गई थी एवं जो छुट-पुट दुकाने खुली थी उन्होनें बिना किसी विरोध के दुकाने बंद कर इस आंदोलन को अपना समर्थन प्रदान किया और तो और पेट्रोल पंप भी दोपहर लगभग ३ बजे तक बंद रहे जिसके चलते कई वाहन चालक अपना वाहन पैदल घसीटते पाये गये इस बंद के चलते यह हवा उड़ गई थी कि नैनपुर जाने वाली रेल को रोका जायेगा किंतु एडीशनल एसपी श्री डहेरिया जी के नेतृत्व में यहां पर पुलिस की इतनी बढिय़ा व्यवस्था की गई की कोई भी आंदोलनकारी दल चाह कर भी कुछ नहीं कर पाया कुल मिलाकर इस बंद में आमजनता द्वारा बंद को पहले से ही स्वीकृति दी जा चुकी थी प्रशासनिक दफ्तरो में भी कामकाज ठप्प रहा इस बंद में पुलिस अधीक्षक डॉ. रमनसिंह सिकरवार के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन की भूमिका सराहनीय थी।

Friday, July 2, 2010

मध्यप्रदेष विधानसभा उपाध्यक्ष हरवंष सिंह ने अपना पक्ष रखा





(पिंकी उपाध्याय)
श्री सिहं ने कहा कि समाचार पत्र और इलेक्ट्रानिक मिडिया मे मेरे और मेरे पु़त्र द्वारा जमीन खरीदी के मामले में उल्लेख करते हुए तरह तरह के समाचार प्रकाषित हो रहे है इस संबंध में न्यायालय मेें प्रस्तुत अभिलेखों की प्रमाणित प्रतिलिपियों के आधार पर यह जानकारी देना चाहता हॅॅॅॅू कि दिनांक 18/05/2010 को ग्राम आमानाला निवासी मोह.ष्षाह आत्मज इम्तियाज खान ने माननीय न्यायालय श्री ए.एस.सिसोदिया न्यायिक दण्डधिकारी प्रथम श्रेणी लखनादौन के समक्ष एक मिथ्या एवं आधारहीन परिवाद के नियाज अली तथा मेरे एंव मेरे पु़त्र रजनीष सिंह के विरूद्ध प्रस्तुत किया । परिवाद के आधार पर श्रीमान न्यायिक दण्डाधिकारी द्वारा अन्वेषण का आदेष पुलिस थाना धनौरा को दिया गया और रिपोर्ट प्रस्तुत करने हेतु 18/06/2010 की तिथि निर्धारित की गई चूॅकि माननीय न्यायिक दण्डाधिकारी के द्वारा अन्वेषण के लिये जो परिवाद भेजा गया था उसमें घटनास्थल घटना का समय एवं दिनांक इत्यादि का विवरण नही था कारण तथा जिस दस्तावेज के संबंध में धोखा देना कहा गया था वह संलग्न नहीं था इसलिए विषिष्टियॉ एकत्र करने के लिये पुलिस ने प्रारभिक जॉच की । पुलिस की प्रारंभिक जॉच एवं षिकायत कर्ता के कथनों में यह पाया कि मोह.ष्षाह और उनके भाई नियाज अली के साथ इस अपराध में कहीं कोई समावेष होना नहीं पाया गया तथा चौकी प्रभारी सुनवारा के द्वारा दिनांक18/06/2010 को न्यायालय के समक्ष प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। माननीय न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी के द्वारा षिकायत कर्ता मोह. ष्षाह से ष्षपथ पर दिये गये न्यायालयीन कथनों में यह स्पष्ट रूप से कहा है कि उसके और अन्य सह खातेदारों के बीच जमीन का बंटवारा हो गया है और वह 5 एकड़ भूमि के अलग कब्जे में है उसने यह भी स्वीकार किया है कि उसने न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद में किसी इकरारनामें का जिक्र नहीं किया है अपने बयान में उसने यह स्पष्ट किया है कि उसका विवाद उसके भाई नियाज अली से है न कि मुझसे या मेरे पुत्र रजनीष सिंह से है षिकायत कर्ता मोह.ष्षाह के अनुसार उसका वाद-विवाद एवं लड़ाई झगड़ा व मारपीट उसके भाई नियाज अली के साथ हुआ था जिसकी रिपोर्ट मोह.ष्षाह द्वारा पुलिस चौकी सुनवारा में दर्ज की गई । मोह.ष्षाह ने अपने न्यायालयीन कथनों में यह भी स्पष्ट किया है कि मुझसे व मेरे पुत्र रजनीष सिंह से कभी भी उसकी कोई व्यक्तिगत बातचीत नही हुई और न कभी भी मैने और मेरे पुत्र ने अपने न्यायालयीन कथनों में यह भी स्पष्ट किया है कि मुझसे व मेरे पुत्र रजनीष सिंह ने उसे कभी भी कोई धमकी दी है उसने यह भी स्वीकार किया है कि उसने मेरे और मेरे पुत्र के विरूद्ध कभी कोई पुलिस रिपोर्ट नही की है । मोह. ष्षाह के बयान के अनुसार मैने और मेरे पुत्र रजनीष सिंह ने मोह. ष्षाह को छोड़ उसके अन्य यह खातेदारों से न तो कोई इकरारनामा लिखाया है और न ही कोई भूमि का विक्रय पत्र लिखवाया है । मोह. ष्षाह से न्यायालय द्वारा बहुत लंबी पूछताछ कर उसके बयान लेखद्ध किये गये इस लंबी पूछताछ के दौरान मोह. ष्षाह ने मेरे पुत्र के विरूद्ध कोई भी आरोप नहीं लगाये है यहॉ तक कि वह यह भी कहता है कि उसकी मुझसे या मेरे पुत्र से कोई व्यक्तिगत मुलाकात भी नहीं हुई है । परिवाद के तथ्यों के संबंध में भी मोह ष्षाह को जानकारी नहीं है ।
षिकायतकर्ता मोह. ष्षाह के न्यायालय में दिये गये कथनों से स्पष्ट है कि हमारे द्वारा कोई विक्रय पत्र इकरारनामा या कोई भी रसीद नहीं लिखाई गई है और न ही हमने कोई सौंदा किया है जब कोई रजिस्ट्री इकरारनामा या रसीद ही अस्तित्व में नही है तो धोखा देने का कोई प्रष्न ही उत्पन्न नहीं होता है और यदि जन सामान्य के पास ऐसा कोई दस्तावेज या कोई मौखिक साक्ष्य उपलब्ध हो तो वह उसे प्रकट कर सकता है । षिकायतकर्ता मोह. ष्षाह ने स्पष्ट रूप से अपने कथन में यह स्वीकार किया है कि उसकी मुझसे या मेरे पुत्र रजनीष से कोई मुलाकात नहीं हुई है । जब षिकायतकर्ता की हम लोगों से कोई मुलाकात ही नहीं है तो हमारे द्वारा उसे धमकी देने गाली देने या अन्य किसी भी प्रकार की धौंस देने का प्रष्न ही उत्पन्न नहीं होता है ।
पूर्व में पुलिस द्वारा की गई विवेचना और मोह. ष्षाह के न्यायालयीन कथनों से स्पष्ट है कि मेरे विरूद्ध विपक्ष द्वारा साजिष की गई है और मेरे विरूद्ध राजनैतिक रूप से क्षति पहॅूचाने के उद्देष्य से मिथ्या कानूनी कार्यवाही कराई गई है । मैंने और मेरे पुत्र ने मोह. ष्षाह को ने तो कोई धोखा दिया है और न ही उनको कभी डराया धमकाया गया है जो जमीन की खरीदी बिक्री बताई जा रही है उससे भी मेरा और मेरे परिवार का कोई लेना-देना है उक्त परिवाद के तथ्य मिथ्या व झूठे हैं मेरे और मेरे पुत्र के विरूद्ध विरोधियों द्वारा तोड़-मरोड़कर मिथ्या तथ्य आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का हमेषा की तरह किया गया कुत्सित प्रयास है जिससे कि मेरी राजनैतिक एवं सामाजिक छबि धुमिल की जा सके ।
पुलिस ने न्यायालय के द्वारा दिये गये आदेष दिनांक 18/05/2010 के परिपालन में प्रारंभिक जॉच की और इस जॉच में पुलिस ने यह पाया कि मेरे और मेरे पुत्र रजनीष के विरूद्ध कोई अपराध नहीं बनता है तथा नियाज अली के विरूद्ध प्रथम दृष्टया अपराध पाये जाने पर पुलिस ने नियाज अली के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया तथा न्यायालय में दिनांक18/06/2010 को अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत किया इस प्रतिवेदन के अवलोकन के उपंरात माननीय न्यायालय द्वारा षिकायतकर्ता मोह.षाह को सुना गया और उसके कथन लेखबद्ध किये गये इस प्रक्रम में माननीय न्यायालय ने यह पाया कि अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय के आदेषानुसार नहीं है इसलिए उन्होंने मोह. षाह निरस्त कर पुलिस थाना धनौरा को सभा आरोपियों मेंविरूद्ध प्राथमिकी दर्ज कर अन्वेषण अपरांत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के आदेष दिये गये तक मुझे समाचार पत्रों से ज्ञात हुआ कि पुलिस ने न्यायालयीन आदेष के परिपालन में मेरे और मेरे पुत्र के विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है । विदित हो कि परिवाद प्रकरणों में कोई जॉच नही की जाती है बल्कि अपराध पंजीबद्ध होनें के बाद पुलिस द्वारा विवेचना की जाती है और पुलिस थाना धनौरा ने इस न्यायालयीन आदेष के परिपालन में ही अपराध पंजीबद्ध कर अन्वेषषण प्रारंभ किया गया है अन्वेषण में जो भी तथ्य आवेंगे उनके अनुसार पुलिस को न्यायालय में आरोप पत्र खारिजी अथवा खात्मा प्रस्तुत करना होगा । मेरे और मेरे पुत्र के विरूद्ध जो तथ्य अभी तक आये हैं उनसे स्पष्ट है कि हम लोग पूर्णतः निर्दोष है
उक्त मामला अभी न्यायालयीन प्रक्रिया में है और मुझे सम्माननीय न्यायालय और न्यायालयीन प्रक्रिया पर पूर्णरूपेण विष्वास है । भविष्य में माननीय न्यायालय और आम जनता के समक्ष इस प्रकरण से संबंधित सच्चाई स्पष्ट भी हो जाएगी अभी तक जो तथ्य माननीय न्यायालय और पुलिस के सामने आये हैं उन्हें प्रकट करना मेरी जवाबदारी है इसलिए मैं यह सच्चाई आपके सामने रख रहा हॅू


परिवादी मोह.षाह के न्यायालयीन कथन और पुलिस प्रतिवेदन
1.मेरी जमीन कुंआ खेड़ा ग्राम में है उक्त जमीन सभी हमारे द्वारा क्रय नहीं की गई; उक्त जमीन में से आधी जमीन लगभग ग्राम के पटेल द्वारा खैरात में दी गई थी और आधी जमीन हमारे द्वारा खरीदी गई थी । उक्त जमीन मात्र मेरे नाम पर राजस्व प्रपत्रों में नाम पर दर्ज नहीं थी । उक्त जमीन राजस्व प्रपत्र में मेरे अलावा मेरी तीन बुआ और चार बहनों और चार भाईयों के नाम पर दर्ज थी । इसके अलावा दो तीन अन्य व्यक्तियों के नाम थे जिनका नाम मेरे अन्य सह खातेदारों द्वारा कटा दिया गया ।
2. उक्त सभी जमीनों का बंटवारा खातेदारों के मद आपस में मौलिख हो गया था किन्तु हमारे द्वारा कभी भी उक्त जमीनों का बंटवारा अनुसार अलग-अलग बही बनाये जाने के लिये कोई कार्यवाही नहीं की गई । मै जिस हिस्से पर खेती करता था उसके संबंध में मेरे द्वारा कभी भी किसी राजस्व अधिकारी से सीमांकन नही कराया गया मेरे हिस्से की जमीन चारो दिषाओं से मेढ़ से बंद है । उक्त सम्पूर्ण जमीन लगभग रकबे पर मेरा कब्जा है । मैनें न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद पत्र में किसी इकरार नामा के संबंध में कोई जिक्र नहीं किया है । मैं इकरार नामे का मतलब नहीं जानता है । ऐसा नहीं है कि अभियुक्तगण ने इकरारनामा बनाकर भूमि विक्रय की है मैंने कोई इकरारनामा ।

Tuesday, June 29, 2010

बिना देखे, बिना तौले, बिना पंचनामा बनाये किया पाँच गुना चालान







मंडी निरीक्षक तरूण पटले की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में

सिवनी-:विगत दिवस सुबह ८ बजे बरघाट रोड बायपास के मंडी टोल नाके पर मुखबिर सूचना के आधार पर ट्रक क्रमांक सीजी ०४ जी १३५२ को शिकायतकर्ता श्री काबेज खान की उपस्थिति में रोका गया इस ट्रक में महुऐं की बोरियां लदी हुई थी एवं ड्रायवर कंडेक्टर के पास माल का बिल, मंडी की रसीद, सेल टैक्स की रसीद या माल के वजन से संबंधित कोई कागजात नहीं थे जिन मंडी के कर्मचारियों की उपस्थिति में ट्रक को रोका गया था उसमें से एक कर्मचारी संदीप गुप्ता ने जैसे ही ट्रक ड्रायवर और कंडेक्टर से बात की थोड़ी ही देर बाद वे ट्रक के पास से गुम हो गये संदीप गुप्ता से पूछने पर उन्होनें बताया कि जहां से माल लोड हुआ है वे उसके परिचित है और ड्रायवर कंडेक्टर नास्ता करने गये हैं किंतु ड्रायवर कंडेक्टर का नास्ता सुबह ८ बजे से सांय ५ बजे तक चला और जब उनसे लौटने पर पूछा गया कि वे कहां गये थे तो उन्होनें बताया कि गुप्ता जी ने कहा था कि जब तक ये लोग खड़े हैं ट्रक के पास मत आना। ट्रक श्याम ट्रेडर्स अमरवाड़ा से महुआ लोड कर संबलपुर (छत्तीसगढ़) के व्यापारी प्रकाश पारख (पारख किराना) के यहां अनलोड करने निकला था यह ट्रक उसी व्यापारी का था।
सांय ६.२० बजे एक इंडिका में अमरवाड़ा से दो व्यक्ति आये जिन्होनें स्वयं का परिचय महुआ व्यापारी के मित्र के रूप में दिया तथा अपना नाम नहीं बताया उन्होनें अपने साथ एक बिल लाया जो श्याम ट्रेडर्स के लेटर पैड पर था जिसमें फोन क्रमांक ०७१६१-२२२३१८, ९३२९४८२०१८ पता श्री राम मंदिर रोड अमरवाड़ा छिंदवाड़ा एवं माल के विवरण में महुआ ३८० नग ३०० जिसमें ३८० को काटकर बाद में ३०० लिखा गया था उसके नीचे वजन १८० क्विंटल 3 १००० सी फार्म कंडीशन पर लिखा गया था इस बिल में बिल क्रमांक काटकर सुधारकर ३१ लिखा गया था एवं ३८० नग काटकर नग ३०० लिखा गया था इस बिल के साथ ही कृषि उपज मंडी सिमरिया (जिला-सिवनी) द्वारा काटी गई रसीद जो बुक क्रमांक १९० दिनांक २७.०६.१० को काटी गई थी जिसमें मंडी अधिनियम की धारा १९ (६) के उल्लंघन में अधिनियम की धारा १९ (४) के अनुसार पाँच गुना रकम मंडी शुल्क जो ३६०० का पाँच गुना मंडी शुल्क १८ हजार एवं समझौता शुल्क ५ हजार कुल २३००० की रसीद थी जिसमें भुगतान करने वाले में श्याम के हस्ताक्षर थे ये वही हस्ताक्षर थे जो बिल में थे।
इस कार्यवाही पर क्षुब्ध होते हुये शिकायतकर्ता श्री काबेज खान द्वारा नाके पर उपस्थित मंडी सहायक उपनिरीक्षक प्रदीप जैन से कहा गया कि उन्हें इस ट्रक में गांजा परिवहन होने की सूचना प्राप्त हुई थी इसीलिये वे सामने से ट्रक का निरीक्षण एवं पंचनामा बनवाना चाहते थे इस ट्रक के रोके जाने की सूचना ना तो सेल टैक्स विभाग को दी गई ना ही ओवरलोड से संबंधित आरटीओ विभाग को दी गई और ना ही संबंधित थाना क्षेत्र में दी गई इससे यह सिद्ध होता हैं कि इस ट्रक के परिवहन में मंडी अधिकारियों की मिलीभगत हैं श्री प्रदीप जैन ने इसका जवाब देते हुये कहा कि उन्हें मंडी निरीक्षक तरूण पटले द्वारा आदेशित किया गया था कि आप बरघाट मंडी नाका जायें एवं उस ट्रक की निगरानी करे तथा वहां उपस्थित दो कर्मचारियों को रिलीफ करे इसीलिये वे १.३० बजे से ट्रक की निगरानी कर रहे थे उन्होनें इस बात को स्वीकार किया कि ना तो ट्रक में बोरो को गिना गया और ना ही पंचनामा कार्यवाही की गई हैं ना ही ट्रक का तौल किया गया हैं कि वजन कितना है और इसकी जानकारी पुलिस, आरटीओ, सेल टैक्स विभाग को नहीं दी गई हैं क्योंकि सुबह से ट्रक के त्रिपाल को खोला भी नहीं गया था श्री प्रदीप जैन ने शिकायतकर्ता को यह बताया कि उन्हें ट्रक रोकने एवं उसे मुक्त करने का आदेश उनके उच्चाधिकारी तरूण पटले द्वारा फोन पर दिया गया हैं एवं मंडी द्वारा इस रसीद कटने की पुष्टि की गई हैं घटना की सूचना शिकायतकर्ता द्वारा थाना लखनवाड़ा में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक श्री बेलवंशी को दी गई एवं जिला दंडाधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया किंतु उनसे फोन पर संपर्क नहीं हो पाया तब इसकी शिकायत आपने मंडी उपाध्यक्ष श्री अजय भारद्वाज से की तत्पश्चात शिकायतकर्ता ने मीडिया की शरण लेते हुये मंडी के अधिकारी कर्मचारियों की भ्रष्टाचारी गतिविधियों पर अंकुश लगाने की प्रशासन से मांग की हैं अब देखना यह है कि प्रशासन इस पर क्या कार्यवाही करता हैं