Monday, June 21, 2010

अर्थ नामक अनर्थ


पं. मनोज कुमार मिश्रा
जैसे थोड़ा सा कोढ़ सुंदर रूप को बिगाड़ देता है वैसे ही तनिक सा भी लोभ यशस्ववियो के शुद्ध यश और गुणवानो के प्रशंसनीय गुणो को नष्ट कर देता है धन कमाने में, कमा लेने पर धन को बढ़ाने पर, धन के रक्षा करने में, धन के खर्च में, धन के नाश में, और धन के उपयोग में, सर्वत्र परिश्रम, भय, चिंता और चित्त के भ्रम का ही भोग करना पड़ता है चोरी, हिंसा, असत्य, दम्भ, काम क्रोंध, गर्व, अहंकार भेद बुद्धि भेद, अविश्वास स्पर्धा, लंपटता, जुआ और शराब-ये पंद्रह अनर्थ मनुष्यो में धन के कारण ही उत्पन्न होते रहते है अतएवं कल्याण चाहने वाले पुरूष को चाहिये कि वह स्वार्थ और परमार्थ के विरोधी अर्थ नाम के इस अनर्थ को दूर से ही छोड़ दे।
(धर्म से)

कब सुधरेंगे आरटीओ के कर्मचारी























कार्यालय में १.३० बजे आते है
(पिंकी उपाध्याय)






सिवनी-:आरटीओ कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों की मनमानी के चलते आमजन एवं आसपास से आने वाले ग्रामवासियों को बेहद असुविधा का सामना करना पड़ रहा हैं आज सोमवार का दिन था इसीलिये १० बजे से ही आरटीओ कार्यालय में लाइसेंस बनवाने वालो की भीड़ इक_ा हो गई थी लेकिन कार्यालय सूना पड़ा था कार्यालय में नियत समय में लर्निंग लाइसेंस बनाने वाले चौहान बाबू ही उपस्थित थे क्योंकि इन बाबू साहब की वर्तमान में ही राज्य परिवहन निगम से आरटीओ में पदस्थापना हुई हैं अभी इन्हें आरटीओ की हवा नहीं लगी हैं आपसे बात करने पर आपने बताया कि आप छिंदवाड़ा से डेली अपडाऊन करते है सुबह ८.३० बजे छिंदवाड़ा से निकलकर १० बजे सिवनी पहँुच जाते है और सीधे दफ्तर आ जाते हैं इसी बीच बढ़ती भीड़ में किसी ने आरटीओ की स्थिति देखकर यह कह दिया शायद आज दफ्तर बंद हैं बताये भी कौन कोई कर्मचारी हो तो बताये पीडि़त जनता में किसनलाल कुमरे और जयसिंह बिजवाड़ जो कि सौंसर छिंदवाड़ा जिले से आये हुये थे उनके लाइसेंस की तिथि समाप्त हो गई थी जिसे उन्हें आगे बढ़वाना था किंतु समय के पाबंद ये दोनो १०.३० बजे से एकल खिड़की में खड़े थे किंतु कोई उन्हें कुछ बताने वाला वहां उपस्थित नहीं था इसी प्रकार मन्नु यादव जिनका खवासा आरटीओ में आरटीआई सुभाष शर्मा द्वारा चालान काटा गया था उसके भुगतान के लिये पैसे जमा करने वाला कोई बाबू आरटीओ में उपस्थित नहीं था।
आरटीओ में स्थाई लाइसेंस शाखा में कार्य करने वाले बाबू साहब शशि शुक्ला का आगमन ११.५७ बजे हुआ देरी का कारण पूछने पर आपने बताया कि बच्चे को डॉक्टर के पास ले गया था इसीलिये देरी हो गई नहीं तो मैं १०.३० बजे कार्यालय पहँुच जाता हँू और क्योंकि आज से सोमवार की जगह मंगलवार को लाइसेंस बोर्ड बैठेंगी अत: आज कोई नया स्थाई लाइसेंस नहीं बनाया जायेगा ऐसा बघेल साहब ने बताया हैं आगे पूछने पर बताया गया कि ईश्वर सिंह बघेल को अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने निर्देशित किया है कि ऐसा नोटिस आज कार्यालय में चस्पा करना हैं २ घंटे तक इंतजार करने वाले स्थाई लाइसेंस बनवाने के इच्छुक लोग निराश हो गये अगर ऐसा करना ही था तो पहले से ही कार्यालय में नोटिस लगवा दिया जाता तो आम जनता के कीमती समय और किराये की बचत हो जाती चलो ठीक है १२.२३ बजे कार्यालय के आफिस सुपरीटेंडेंट मोहते बाबू का आगमन हुआ जो मुस्कुराकर देरी से आने की बात को टाल गये इसके बाद पंजीयन शाखा को देखने वाले बाबू साहब राजीव उपाध्याय का दोपहर १२.४२ बजे अपनी इंडिगो सीएस क्रमांक एम.पी. २२ सीए ०३४४ से आगमन हुआ लेकिन उपाध्याय जी की गाड़ी की पिछली सीट से आरटीओ के बाहुबली दूध वाले ईश्वर सिंह बघेल जी निकले जो हमे देखते ही मुंह छिपाकर कार्यालय से भाग खड़े हुये उपाध्याय जी ने देर से आने पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की लेकिन जबलपुर से आये एलडीसी बाबू अनिल जोगनपुत्र ने तो हद ही कर दी वे कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करने १.१८ बजे पहँुचे और उनसे देर से आने का कारण पूछने पर उन्होनें कहा क्यो क्या हो गया मैं क्यो बताऊ कभी-कभी हो जाता है इन्हें लोगों को होने वाली असुविधा से कोई मतलब नहीं हैं क्योंकि जिसकी अटकी होगी वो चाहे ये १ बजे आये या २ बजे अपना काम कराने उसे आना ही पड़ेगा क्योंकि समय का तकाजा करने पर आगंतुक को इतने सारे नियम बता दिये जाते है कि वह आने वाले एक माह तक दस्तावेज इक_े करने में व्यस्त हो जाता हैं।
इसके पूर्व भी समय से आने के लिये हमारे अखबार के माध्यम से एक बार इस विभाग को चेताया जा चुका हैं किंतु यहां कार्यरत निम्र श्रेणी लिपिक भी इतनी आगे तक पहँुच रखता हैं कि उसे इन सब बातो की कोई परवाह नहीं हैं एकल खिड़की प्रणाली सिर्फ नाम को रह गई हैं एक मजिस्ट्रेट की गाड़ी रजिस्ट्रेशन के लिये आने पर भी उसे दलालो के माध्यम से पंजीयन कराने की सलाह दी जाती हैं तो आम आदमी तो बहुत छोटी बात हैं हमारी जनहित में कलेक्टर महोदय से विनम्र अपील है कि स्वयं आकस्मिक निरीक्षण कर लापरवाह कर्मचारियों के विरूद्ध सक्त कदम उठाये जिससे १०.३० नहीं तो कम से कम १२ बजे पूरे कर्मचारी अपना कार्य प्रारंभ करें।

Saturday, June 19, 2010

आरटीओ के संरक्षण में निजी बस ऑपरेटरो द्वारा मनमाने किराये की वसूली जारी



सिवनी-:नगर से बड़े-बड़े शहरो एवं गांवो की ओर आने जाने के लिये निजी बसो की भरमार हैं बस ऑपरेटरो की मनमानी और बस स्टेंड में चलती अव्यवस्थाओं के चलते आम यात्री इस समय सबसे ज्यादा परेशान हैं जिसमें सबसे बड़ी मुसीबत मनमाने ढंग से यात्री किराया बढ़ाने की हैं इस समय बस संचालकों ने जो किराये का निर्धारण किया हैं वह यात्रियों के गले नहीं उतर रहा हैं इसी कारण निजी बस स्टेंड में आये दिनो विवाद की स्थिति निर्मित हो रही हैं।
अधिकतम निजी बसो का शहर में प्रवेश नहीं हो पा रहा हैं इन बसो के शहर के अंदर न आने से जहां यात्री परेशान हैं वही ऐसी दशा में ज्यादा किराया लेना परेशानी को और बढ़ा देता हैं जैसे सिवनी से जबलपुर जाने का किराया ८० रूपये हैं तो बस ऑपरेटर ९० और १०० रूपये वसूलते हैं इसी प्रकार नागपुर जाने का किराया भी ८० रूपये है जो ९० और १०० रूपये तक लिये जाते हैं गांव देहात के यात्रियों के लिये यह अंतर बहुत होता हैं किंतु डर के मारे वे किराया दे देते हैं जब यह स्थिति स्थानीय यात्रियों के साथ होती हैं तो विवाद की स्थिति बन जाती हैं।
कई स्थानो के किराये निश्चित न होने के कारण जैसे भोपाल, रीवा, जबलपुर, नागपुर समेत अन्य शहरो के लिये जाने वाली बसो में किराया निर्धारित नहीं हैं जिसके कारण कुछ बस ऑपरेटर प्रतिस्पर्धा में कम किराया लेते हैं तो सुविधा के नाम पर कुछ किराया बढ़ा देते हैं।
नियम यह है
आरटीओ विभाग द्वारा किराया सूची जारी की गई हैं जिसे बसो में लगाना अत्यंत आवश्यक हैं किंतु कोई भी बस ऑपरेटर अपनी सेटिंग के चलते अपने बसों में किराया सूची लगाना जरूरी नहीं समझता आज निरीक्षण करने पर किसी एक भी बस में किराये की सूची नहीं लगी थी।
सो रहा आरटीओ प्रशासन
बस ऑपरेटरों की इस कार्यप्रणाली से लिये जा रहे किराये के खिलाफ आज तक आरटीओ विभाग द्वारा क्यों एक भी कार्यवाही नहीं की गई क्यों परिवहन विभाग अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रहा हैं मामला सीधा हैं कार्यवाही न होने से बस ऑपरेटर और टिकिट एजेंट को मनमाना फायदा होता हैं और जब इन्हें फायदा हो रहा हैं तो आरटीओ को इसका फायदा मिलेगा ही

करोड़ो रूपये दलसागर के सौंदर्यीकरण बावत आये थे किंतु ढीले ढाले कामकाज के चलते निर्माण कार्याे में ४० लाख रूपये ही खर्च हो पाये और वर्षा के कारण कामकाज

नगर पालिका ने निजी बोर में हैंडपंप लगाकर वाह वाही लूटी





जबकि बोर से १० मीटर दूर लगा है नगर पालिका का हैंडपंप
(पिंकी उपाध्याय)


सिवनी-:सत्ता की क्या महत्ता होती हैं आज यह बात पूर्व पार्षद अनिरूद्ध मिश्रा की समझ में आ गई हैं वे विगत १५ दिनों से अपना उपचार कराने नागपुर क्या गये उनके निजी बोर पर लालबहादुर शास्त्री वार्ड पार्षद श्रीमति विमला पाराशर के सौजन्य से हैंडपंप लगा दिया गया जब श्री मिश्रा ईलाज कराकर वापस लौटे तो उन्हें यकीन नहीं हुआ कि उनके द्वारा कराये गये निजी बोर पर नगर पालिका परिषद सिवनी का हैंडपंप लगा हुआ था डॉक्टरो द्वारा आपको स्वस्थ्य होने तक अंधेरे कमरे मे रहने की सलाह दी गई हैं इस संबंध में श्री मिश्रा द्वारा सीएमओ नगर पालिका को कई बार फोन लगाने का प्रयास किया गया किंतु उनसे बात नहीं हो पाई हमारे प्रतिनिधि के माध्यम से नगर पालिका अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी को इस बात से अवगत कराया गया किंतु वे किसी आवश्यक कार्य से नागपुर गये हुये थे अत: उन्होनें इस संबंध में कल बात करने को कहा श्री मिश्रा ने यह शिकायत की कि वार्डवासी रात भर हैंडपंप से पानी भरते हैं जिसके कारण उनका सोना दूभर हो गया हैं जब अनिरूद्ध मिश्रा जैसे सक्षम व्यक्ति के साथ ऐसा हो रहा हैं तो आम आदमियों का क्या होगा...?

Monday, June 14, 2010

शंकर मढिय़ा और नगर पालिका के मध्य ४ दुकानों में चल रहा अंग्रेजी शराब दुकान और अहाता








नगर पालिका और प्रशासन की आँखे बंद
(पिंकी उपाध्याय)



सिवनी-:शंकर मढिय़ा और नगर पालिका के मध्य स्थित नगर पालिका काम्पलेक्स में स्थित ४ दुकानों में अंग्रेजी शराब का कारोबार चल रहा है जिसमें से एक दुकान में शराब का स्टाक रखा जाता है दूसरी दुकान में शराब का विक्रय किया जाता हैं एवं शेष दो दुकानों में वातानुकूलित अहाता का संचालन किया जा रहा है शराब विक्रेता द्वारा दुकान के सामने के पूरे हिस्से पर भी कब्जा कर लिया गया हैं अभी दो दिन पूर्व ही प्रशासन द्वारा अहातो पर छापा मारा गया था किंतु आज अहाते में नाबालिग युवक शराब पीते दिख रहे हैं नगर पालिका को इन दुकानो का किराया प्रतिमाह २०० रूपये प्राप्त होता हैं किंतु जिन्हें ये दुकाने दी गई हैं उन्हें दस हजार रूपये प्रतिमाह इन दुकानों से आय होती हैं और जब प्रशासन मौन हैं तो उन्हें सही गलत से क्या सारोकार होगा। इसी संदर्भ में हमारे संवाददाता द्वारा नगर पालिका के संबंधित अधिकारियों से बात की गई तो उनका यह कहना था
सीएमओ मकबूल खान-:नियमानुसार ये दुकाने शराब विक्रय के लिये नहीं हैं और इन दुकानो से संबंधित फाईल पूर्व उपयंत्री आदित्य कुमार के पास से वापस नहीं आई हैं अब ना तो राजस्व कार्यालय में फाईल हैं ना नगर पालिका में, फाईल अगर नहीं मिलती हैं तो इसकी एफआईआर कराई जायेंगी नगर पालिका की दुकानों में शराब विक्रय एवं अहाता चलाना नियमों के खिलाफ हैं शिकायत होने पर हम कार्यवाही जरूर करेंगे।
उपयंत्री संतोष तिवारी-:इन दुकानों के आवंटन का मामला मेरे समय का नहीं हैं और इसकी फाईल राजस्व शाखा में हैं ये दुकाने शराब के विक्रय के लिये नहीं हैं शायद ऐसा नियम हैं आप सूचना का अधिकार लगाकर नियमो की जानकारी राजस्व शाखा से ले सकते हैं रहा सवाल काम्पलेक्स के सामने की गली पर कब्जा करने का तो यह पूर्णत: अवैध हैं अगर हमारे अधिकारी हमे निर्देशित करेंगे तो हम अवश्य कार्यवाही करेंगे।
नगर पालिका अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी-:मैं अगर इस मामले में बोलंूगा तो संबंधित शराब दुकान संचालक इसे निजी तौर पर लेंगे इसीलिये आप इस संबंध में हमारे सभापति पार्षद राजेश साहू से ही जानकारी ले क्योंकि संबंधित मामले का क्षेत्राधिकार श्री राजेश साहू के क्षेत्र में आता हैं।
सी.बी.रमन वार्ड पार्षद राजेश साहू-:श्री साहू उक्त मामले पर मौन ही रहे उन्होनें कुछ बोलने से बेहतर चुप रहना ठीक समझा।
नगर पालिका में कई वर्षाे से कार्यरत बाबू ने अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि जब ये दुकाने आवंटित की गई थी तो किये गये अनुबंध में स्पष्ट किया गया था कि इन दुकानो का उपयोग प्रार्थी स्वयं के उपयोग के लिये करेंगा और अहाता तो दूर की बात हैं नगर पालिका की दुकान में शराब का विक्रय किया जाना भी नियम के विरूद्ध हैं।

मानस भवन में लगी इमीटेशन ज्वेलरी सेल




विद्युत मंडल की सेल पर विशेष कृपा
(पिंकी उपाध्याय)


सिवनी-:नगर पालिका के बाजू में स्थित राजीव गांधी मानस भवन में इन दिनों इमीटेशन ज्वेलरी की सेल लगी हैं जिसमें बाजार से काफी कम दामों में इमीटेशन ज्वेलरी उपलब्ध हैं महिलाओं के उपयोग में आने वाले हार, कंगन, झुमके, अंगूठी, चूड़ी, कड़ा और कम्पलीट सेट इस सेल का प्रमुख आकर्षण हैं।
इस सेल में गर्मी को देखते हुये २८ पंखे चलाये जा रहे थे एवं १५ हेलोजन बल्ब इन ज्वेलरी को रोशनी दे रहे थे किंतु जब मानस भवन में इन्हें प्रदाय करने वाली विद्युत व्यवस्था का जायजा लिया गया तो वहां ३ खुले मीटर लगे थे जिसमें से एक तो पूर्णत: बंद था दूसरे मीटर में रीडिंग ८ से आगे एवं तीसरे मीटर में रीडिंग ११ से आगे बढ़ ही नहीं रही थी जिससे यह प्रमाणित होता हैं कि मीटर सिर्फ दिखावें के लिये लगे थे एवं इस सेल में विद्युत सप्लाई डायरेक्ट दी जा रही थी संबंधित विद्युत अधिकारी को फोन करने पर उनका फोन कवरेज क्षेत्र के बाहर ही बताता रहा अगर विद्युत का ऐसा ही दुरूपयोग होता रहा तो आने वाले भविष्य में दिन में २-३ घंटे की आपूर्ति भी संभव नहीं हो पायेंगी।